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मराठा शासकों ने शुरू की पर्व के दूसरे दिन सैनिकों के होली मनाने की परंपरा, अंग्रेज भी नहीं बदल पाए, पुलिस विभाग में अब भी बरकरार

एक वर्ष पहले
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मराठा काल से जुड़ी है पुलिस कर्मियों के होली के दूसरे दिन पर्व मनानेे की परंपरा। बिंबाजी राव भोसले ने 1741 में इसे किया शुरू।

शहर की होली से जुड़ी कई यादें हैं। इतिहासविद् डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र बताते हैं कि 1741 में जब यहां मराठा शासक बिंबाजी राव भोसले राजा रहे, उन दिनों पुरानी बस्ती के मंदिरों और मठों के आसपास ही नहीं, बल्कि गांव के बाहर होली जलाने की परंपरा निभाई गई। इस दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले जवानों को पर्व के दिन व्यवस्था संभालनी होती थी। इसलिए उनको होली के दूसरे दिन रंग खेलने छुट्‌टी दी जाने लगी। बाद में ब्रिटिश शासकों ने देश पर शासन किया। तब उनके सामने भी इस सिस्टम में बदलाव की कोई गुंजाइश नजर नहीं आई। क्योंकि तब भले ही होली उतना उत्साह से नहीं मनाया जाता था। लेकिन पर्व के मौके पर सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

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स्वामी विवेकानंद ने खेली रायपुर में होली

नरेन्द्र नाथ दत्त जिन्हें बाद में विवेकानंद स्वामी के रूप में पहचान मिली। उन्होंने 1877 से 1879 के बीच बूढ़ापारा और पुरानीबस्ती क्षेत्र में रहते हुए दो साल की होली यहीं मनाई। इतिहासविद् डॉ. मिश्र की मानें तो उन दिनों वे किशोरावस्था में रहे। चूंकि ब्रिटिश अफसरों का उन दिनों सप्रे शाला क्षेत्र में निवास हुआ करता था। जिस तरफ पुलिस की चौकसी होती थी। वहां जाने से लोग बचते थे, यही वजह है कि आबादी वाले क्षेत्र में पर्व की खुशी ज्यादा दिखती थी।

पुलिस की होली बनी यादगार

अंग्रेजों का शासन खत्म होने के बाद पुलिस कर्मियों ने पहली बार लोगों के बीच जाकर होली खेली। इसके पहले भारतीय मूल के पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में ही होली खेलने की इजाजत थी। लेकिन आजादी के बाद उनकी होली उनके निवास क्षेत्र में मनाई गई। जिसमें समाज के प्रबुद्ध लोग भी शामिल हुए। यह पहला अवसर रहा जब पुलिस की होली थानों में ही नहीं, बल्कि खुली सड़क पर खेली गई।

इसलिए नहीं कर पाए बदलाव

अंग्रेज भी मराठा शासकों की व्यवस्था इसलिए बदलवा नहीं पाए। क्योंकि उनको भारतीय त्योहारों पर विद्रोह की स्थिति बनने की आशंका बनी रहती थी। इससे बचने के लिए उन्होंने पुलिस सेवा से जुड़े भारतीय मूल के जवानों को पुरानी व्यवस्था से ही जोड़े रखा। छावनी में ही होली खेली जाती थी।

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