मेडिकल कॉलेज के डाक्टर काली पट्‌टी लगाकर करेंगे ड्यूटी

News - रायपुर और बिलासपुर सहित राज्यभर के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों के डाक्टर सोमवार को काली पट्टी लगाकर ड्यूटी करेंगे।...

Nov 10, 2019, 07:45 AM IST
रायपुर और बिलासपुर सहित राज्यभर के मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों के डाक्टर सोमवार को काली पट्टी लगाकर ड्यूटी करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अलावा स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन को हटाने के तरीके का विरोध किया जाएगा। कार्रवाई वापस लेने की मांग भी की जाएगी। शनिवार को टीचर्स एसोसिएशन की बैठक हुई। डाक्टरों को नाराजगी इस बात पर ज्यादा है कि ये पहली घटना नहीं है। इसके पहले रायगढ़, राजनांदगांव और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज मेंे भी डाक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव हो चुका है। हर बार डाक्टरों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डीन डा. विष्णु दत्त हालांकि अभी रिलीव नहीं हैं। टीचर्स एसोसिएशन उनके तबादला आदेश को निरस्त करने की मांग कर रहा है। शनिवार को रायपुर मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में छत्तीसगढ़ मेडिकल टीचर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में डाक्टरों ने कलेक्टर के व्यवहार की निंदा की। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। बिलासपुर मेडिकल कॉलेज के डीन खुद मौजूद थे। अलग-अलग कारणों से गैरहाजिर रहने के बावजूद रायपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, रायगढ़ के डीन ने भी घटना की निंदा की। बैठक में ही तय किया गया कि राज्यभर के मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सोमवार को कालीपट्‌टी लगाकर सेवाएं देंगे। उसी दिन राज्यपाल, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। कलेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर डॉक्टर आगे की रणनीति बनाएंगे। डॉक्टरों ने एक स्वर में कहा कि कोई कलेक्टर कॉलेज के डीन से कैसे दुर्व्यवहार कर सकता है। कलेक्टर स्वयं एमबीबीएस पास हैं। उन्हें डीन का महत्व मालूम होना चाहिए। पूरा विवाद डॉक्टरों को जिला खनिज निधि से अतिरिक्त वेतन देने का है। कलेक्टर ने बैठक में जिला खनिज निधि से डॉक्टरों को अतिरिक्त वेतन देने की बात कही थी। ऐसे में अतिरिक्त वेतन का अप्रूवल भी उन्हें देना था। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मानिक चटर्जी, सचिव डॉ. मंजू सिंह, संदीप चंद्राकर व बाकी पदाधिकारियों ने कहा कि कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के डाक्टर की गिरफ्तारी और पिटाई भी हो चुकी

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में डीन डा. दत्त ही अजीबोगरीब कार्रवाई के शिकार नहीं हुए हैं। लगभग ढाई साल अंबिकापुर में गायनी विभाग के एक डाक्टर को प्रशिक्षु आईपीएस के हस्तक्षेप से गिरफ्तार तक कर लिया गया था। ड्यूटी से छूटने के बाद डाक्टर घर चले गए थे। इस बीच कोई प्रभावशाली परिवार का मरीज पहुंचा। डाक्टर घर जा चुके थे। उनके घर पुलिस भेजकर सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। थाने में इतना दुर्व्यवहार हुआ कि डाक्टर ने नौकरी ही छोड़ दी। करीब तीन महीने पहले अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का रसोईघर संभालने वाले डाक्टर की वहां रसूखदारों ने पिटाई कर दी। इससे डाक्टर वहां जाने से डरे हुए हैं।

यही नहीं रायगढ़ में करीब दो साल पहले कलेक्टर की नाराजगी से अस्पताल अधीक्षक को हटा दिया गया था। इसके विरोध में डाक्टर लॉबी सामने आई तो निलंबन बहाल करना पड़ा। राजनांदगांव में भी करीब दो साल पहले कलेक्टर ने अधीक्षक को ऐसे अपशब्द कहे कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। किसी भी प्रकरण में कड़ी कार्रवाई नहीं की गई।

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