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कच्चे खपरैल वाले घरों की जगह अब ‘मोर पक्के मकान’ योजना के तहत राजधानी में बने हैं 1200 से ज्यादा घर

News - कमजोर आर्थिक स्थिति वाले शहरी लोगों के लिए शुरू की गई मोर जमीन, मोर मकान योजना के तहत राजधानी में अब तक 1200 से ज्यादा...

Nov 11, 2019, 07:41 AM IST
कमजोर आर्थिक स्थिति वाले शहरी लोगों के लिए शुरू की गई मोर जमीन, मोर मकान योजना के तहत राजधानी में अब तक 1200 से ज्यादा पक्के मकान बनाए जा चुके हैं। रायपुर निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों की खुद की जमीन पर मकान बनाने के लिए योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है।

शहरी क्षेत्र में जमीन है या उसपर कच्चा मकान बना हुआ है तो उसे पक्का करने के लिए शासन की ओर से ढाई लाख रुपए तक अनुदान दिया जा रहा है। यह अनुदान मोर जमीन, मोर मकान के तहत उन लोगों को दिया जा रहा है जो खुद मकान बनाना चाहते हैं। शहर में ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनके पास जमीन तो है, लेकिन घर बनाने के लिए पैसे नहीं है या कुछ पैसे की कमी की वजह से घर नहीं बना पा रहे हैं। ऐसे लोगों को इस योजना के तहत पक्का मकान बनाने में इस योजना का फायदा मिल रहा है। शहर में अब तक 1261 मकान बनाए जा चुके हैं। कुल 9550 आवेदन मंजूर किए जा चुके है। आधे से ज्यादा में निर्माण चल रहा है। निगम अफसरों के अनुसार योजना के तहत लोगों को लाभ लेने के लिए आवेदन देना होता है। निर्माण उन्हें खुद ही शुरू करना होगा। इसके बाद निर्माण के अलग-अलग स्तर पर बैंक के माध्यम से अनुदान राशि लोगों के खाते में जमा कराई जाती है।

इन नियमों के तहत लाभ : योजना के तहत लाभ के लिए हितग्राहियों की वार्षिक आय तीन लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। ढाई लाख रुपए का अनुदान 300 वर्गफीट के निर्माण के लिए मिलेगा। हितग्राही की अधिकतम जमीन 800 वर्गफीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अतिरिक्त निर्माण हितग्राही को स्वयं करना होगा। निर्माण शुरू करने के बाद ही योजना के तहत निगम की ओर से पैसे बैंक खाते में जमा कराई जाएगी, जो किश्तों में होगी। हितग्राही के नाम पर कहीं भी दूसरा मकान नहीं होना चाहिए।

निर्माण पर अफसरों की पूरी निगरानी : योजना के तहत हो रहे निर्माण की पूरी निगरानी अफसरों को करनी है। निर्माण में उपयोग में लाई जा रही सामग्री की गुणवत्ता जांचनी होगी। निर्माण में किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। निर्माण कार्य निगम की ओर से भवन निर्माण अनुज्ञा जारी होने के बाद ही शुरू करनी है।

हितग्राही का आवेदन महिला के नाम से ही या संयुक्त रूप से दिया जाना चाहिए। तभी इसका लाभ मिलेगा।

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- योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का साइट विजिट कर उसे पात्रता की जांच के बाद उसे मंजूर किया रहा है। लगातार आवेदन बढ़ रहे हैं। जिन लोगों ने पक्का घर बनाने का सोचा भी नहीं था, अब उनके सुंदर घर हैं।

पुलक भट्‌टाचार्य, अपर आयुक्त निगम

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