ई-रिक्शा चार्ज करने शहर में एक भी प्वॉइंट नहीं, सालभर में जगह ही नहीं ढूंढ़ पाए

News - स्मार्ट सिटी के तहत शहर में पर्यावरण प्रदूषण कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए निगम ने ई-रिक्शे...

Feb 15, 2020, 07:41 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news not a single point in the city to charge e rickshaws could not find a place in a year
स्मार्ट सिटी के तहत शहर में पर्यावरण प्रदूषण कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए निगम ने ई-रिक्शे चलवाना शुरू कर दिया लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से इनके लिए आवश्यक चार्जिंग की व्यवस्था शहर में एक भी जगह नहीं हो पाई है।

डीबी स्टार को शहर में ई-रिक्शा संचालन में खामियों की जानकारी मिली। टीम ने इसकी पड़ताल की तो पाया कि जिम्मेदारों ने इन्हें व्यवस्था देने में लापरवाही बरती है। हालात ऐसे हैं कि स्मार्ट सिटी के जिम्मेदार शहर में एक भी जगह पर चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं। जबकि ई-रिक्शा संचालन से पहले शहर में 40 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने का दावा किया गया। जबकि जिम्मेदार सालभर बाद भी इसके लिए जगह तक तय नहीं कर पाए। इतना ही नहींंं, इसके लिए टेंडर समेत अन्य प्रक्रियाएं भी सालभर बाद अधूरी हैं। जिसकी वजह से निश्चित समय के बाद ई-रिक्शा सड़कों से गायब हो जाते हैं और लोगों को ज्यादा किराया देकर डीजल या पेट्रोल ऑटो से आना-जाना पड़ता है।

3500 से ज्यादा ई रिक्शा

7 घंटे चार्जिंग में

150 किमी तक सफर

40 जगह बनाने हैं चार्जिंग प्वाइंट

एक भी जगह नहीं किया गया निर्माण

शाम को शहर में नहीं मिलते ई- रिक्शे

ई-रिक्शे की बैटरी एक बार चार्ज करने में 6 से 7 घंटे का समय लगता है। वहीं, इसके बाद गाड़ियां 100 से 150 किमी का सफर तय करती हैं। जिसके लिए ज्यादातर रिक्शा चालक सुबह चार्ज करके निकलते हैं, लेकिन शाम तक बैटरी खत्म होने पर उसे चार्ज करने घर जाना पड़ता है, जिसकी वजह से शाम के बाद ई-रिक्शा सड़कों से गायब हो जाते हैं।

सीधी बात

{ ई-रिक्शे के लिए चार्जिंग स्टेशन शहर में नहीं बनाए गए हैं?

– सर्वे किया गया था। सर्वे रिपोर्ट आ गई है। तीन माह पहले ही प्रोजेक्ट बनाकर सर्वे किया गया।

{ जगहों का चयन भी नहीं किया गया है?

– जगह का चयन कर लिया
गया है।

{ कब तक इसका निर्माण पूरा होगा?

– टेंडर कॉल किया गया है। इसके बाद चार्जिंग प्वॉइंट तैयार
किए जाएंगे।

DB star concern

फैक्ट फाइल


लक्ष्य से ज्यादा रिक्शे, सुविधाएं नहीं

निगम ने इस योजना की शुरूआत के दौरान शहर में 3000 ई-रिक्शा बेचने का प्लान बनाया था। वहीं, बीते कुछ वर्षों में इस योजना के तहत 3500 ई-रिक्शा बेचे जा चुके हैं। चार्जिंग स्टेशन भी इसके तहत बनाया जाना तय किया गया। लेकिन सालभर बाद भी चार्जिंग प्वॉइंट बनाने जिम्मेदार टेंडर तो दूर जगह का चयन तक नहीं कर पाए।

50 हजार रुपए तक दिया जाता है अनुदान

शहर को इको फ्रेंडली बनाने के साथ कम दरों पर यात्रा करने के लिए शहर में ई-रिक्शा संचालन करने का निर्णय लिया गया। वहीं, इसके तहत रिक्शा खरीदने पर प्रति रिक्शा विभाग द्वारा 50 हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है। जिसके बाद से रिक्शा की संख्या ताे बढ़ी है, लेकिन विभागीय जिम्मेदार व्यवस्था नहीं दे पा रहे हैं।

एसके सुंदरानी, जीएम, स्मार्ट सिटी

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