डेढ़ सौ परिवार जहां शिफ्ट हुए वहां का कार्ड नहीं, उन्हें राशन का संकट

News - कोरोना की वजह से करीब डेढ़ सौ परिवार के सामने सरकारी दुकान मिलने वाले राशन का संकट आ गया है। दरअसल, ये परिवार करीब...

Mar 27, 2020, 07:21 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news one and a half hundred families are shifted where there is no card they have a crisis of ration

कोरोना की वजह से करीब डेढ़ सौ परिवार के सामने सरकारी दुकान मिलने वाले राशन का संकट आ गया है। दरअसल, ये परिवार करीब एक साल पहले समता कॉलोनी के आसपास के इलाकों से शिफ्ट कर दिए गए थे। शासन की आवासीय योजना के तहत इन परिवारों को नई कॉलोनियों में बसाया गया था। लेकिन वहां एक साल से इनके राशन कार्ड नहीं बन पाए। लिहाजा बीते एक साल ये 150 से ज्यादा परिवार समता कॉलोनी और आसपास के इलाकों की शासकीय राशन दुकानों से ही राशन लेकर जाते थे। भास्कर टीम ने जब एचपीएल कॉलोनी का दौरा किया तो, इन लोगों की निराशा और चिंता सामने आई।

पिछले गुरूवार को समता कॉलोनी में कोरोना मरीज मिलने के बाद लॉकडाउन कर दिया गया। कॉलोनी में बाहरी लोगों का प्रवेश भी बंद कर दिया गया। अब जबकि पूरे शहर में तालाबंदी की जा चुकी है। ये परिवार राशन के लिए दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। भाटागांव एचपीएल कॉलोनी की बसाहट की सरकारी राशन दुकान इन्हें राशन नहीं दे रहा है, क्योंकि इनके कार्ड वहां के नहीं है। आर्थिक तौर पर भी स्थिति ऐसी नहीं है कि ये किराना दुकानों से सामान ले सकें। लिहाजा दाल, चावल शक्कर चाय जैसे जरूरी सामान आने वाले दिनों के लिए कैसे जुटाएंगे।

सभी के राशन कार्ड समता कॉलोनी केे थे, उन्हें बाहर शिफ्ट किया इसलिए नहीं मिल रहा राशन

सभी ने किया इंतजाम
हमारा क्या होगा ?


कॉलोनी में रहने वाली गिरजाबाई निर्मलकर बताती हैं कि सारे शहर में अमीर गरीब सबने अपने राशन की व्यवस्था कर ली है। ऐसे वक्त में सरकारी राशन की ही उम्मीद थी, लेकिन वो भी नहीं ले पाए। सुन रहे सरकार सबको राशन दे रही है। हम लोगों को कैसे मिल पाएगा, कोई नहीं बता पा रहा है। सब घरों में ही है।

राशन लेने गए थे, पुलिस ने रोक लिया

70 साल की बुजुर्ग कुंती सोनकर कहती हैं कि जब से बीमारी का हो हल्ला हुआ है। तब से लगातार राशन लेने जाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन किसी को भी कॉलोनी के अंदर नहीं घुसने देते हैं। पुलिस कहती है यहां मत आओ क्योंकि बीमारी तुम को भी लग सकती है। कोई हमारी समस्या नहीं समझ पा रहा है।

हर घर की दिक्कत है कोई समाधान चाहिए

भाटागांव की एचपीएल कॉलोनी के अलावा हीरापुर में इसी इलाके से बसे चालीस से ज्यादा परिवार हैं। इनको भी नई जगह राशन की दुकानों में राशन नहीं मिल पा रहा है। समता कॉलोनी तक जाने की कोशिश हम लोगों ने भी करके देखी, लेकिन सारी कोशिश बेकार गई। किसी के पास हफ्ते का तो किसी के पास कुछ ही दिनों का स्टॉक है।

थोक और चिल्हर रेट में तीन-चार गुना अंतर, जैसे टमाटर थोक में 15 रुपए और चिल्हर 45 रु. किलो

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