साधारण कागज को माना था नकल पर्ची, जांच के बाद रिजल्ट आया, अधिकांश पास

News - रविवि की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान उड़न दस्ते की टीम ने दर्जनाें नकल प्रकरण बनाए। परीक्षार्थियों के पास मिले...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:38 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news ordinary paper was considered a duplicate slip after investigation the result came most of the pass
रविवि की वार्षिक परीक्षाओं के दौरान उड़न दस्ते की टीम ने दर्जनाें नकल प्रकरण बनाए। परीक्षार्थियों के पास मिले साधारण कागज को भी इन्होंने नकल पर्ची माना था। प्रश्नपत्र पर कुछ लिखने की वजह से भी ढेरों प्रकरण बने। नकल प्रकरण की वजह से इन छात्रों के रिजल्ट रोके गए थे। मामले की जांच के बाद शुक्रवार को दर्जनों छात्रों के रोके गए रिजल्ट जारी हुए। इसमें से अधिकांश छात्र पास हुए हैं। एमए अंग्रेजी, एमए हिंदी, संस्कृत व एमए अर्थशास्त्र के रोके गए नतीजे जारी हुए हैं। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का है कि वार्षिक परीक्षा में नकल के जितने भी मामले बने उनके रिजल्ट रोके गए। यह मामला अनुचित साधन निराकरण समिति के सामने रखा गया। उनकी अनुशंसा के अनुसार रिजल्ट जारी हुए। करीब 20 स्टूडेंट्स का रिजल्ट ए श्रेणी के अनुसार जारी किया गया है। ए श्रेणी का आशय यह है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी के पास जो नकल सामग्री मिला है उसका संबंध विषय से नहीं है। इसके अनुसार जिस विषय में नकल का प्रकरण बना उसे मान्य मानकर रिजल्ट जारी किया जाता है। इसी तरह दर्जनों अन्य छात्रों का रिजल्ट बी श्रेणी के अनुसार भी जारी किया गया है। इसका आशय यह है कि छात्र के पास जो सामग्री मिली। वह नकल से संबंधित थी। इस मामले में जिस पेपर में नकल का प्रकरण बनता है उस पेपर को निरस्त कर रिजल्ट जारी किए जाते हैं। इसी तरह कुछ छात्रों के रिजल्ट सी श्रेणी में जारी हुए हैं। इसका मतलब यह है कि संबंधित छात्र ने जितने भी पेपर दिए होंगे सभी को निरस्त किया गया। अफसरों का कहना है कि सी श्रेणी का मामला तभी बनता है जब नकल से संबंधित मामला काफी गंभीर हो।

नकल की वजह से रोके गए पीजी के कई नतीजे जारी

राजनीति विज्ञान के पेपर में ज्यादा नकल

वार्षिक परीक्षा में इस बार ग्रेजुएशन में नकल के मामले आए। इसमें से भी राजनीति विज्ञान के पेपर में ही अधिक नकल प्रकरण बने। इस बार की परीक्षा में कुछ ऐसे भी कॉलेज थे जहां नकल की वजह से समस्या खड़ी हुई। जिसके बाद रविवि को पर्यवेक्षक बैठाकर परीक्षा आयोजित करनी पड़ी थी।

चार सौ से अधिक मामले

रविवि की वार्षिक परीक्षा में इस बार भी नकल से संबंधित करीब चार सौ मामले बने। पिछले कुछ बरसों से यह बात सामने आई है कि वार्षिक परीक्षाओं में नकल के मामले बढ़ रहे हैं। इस बार की परीक्षा में 40-50 पेज की गाइड, मोबाइल समेत अन्य प्रकार की नकल सामग्री के साथ परीक्षार्थी पकड़े गए। विवि के अफसरों का कहना है कि नकल मामले के कारण जिन छात्रों का रिजल्ट रोका गया है वह जल्द जारी होंगे। इसकी तैयारी की जा रही है।

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