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प्रदेश के 12 स्कूलों में अमेरिका से ऑनलाइन क्लास, शिक्षकों की कमी दूर करने पढ़ाई का पाॅयलट प्रोजेक्ट
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए स्कूलों में ऑनलाइन लाइव इंटररेक्टिव कक्षाओं की योजना शुरू की गई है। इसके तहत देश और दुनिया से कई शिक्षक और स्वयंसेवक इन कक्षाओं के संचालन करने में सहयोग दे रहे हैं। इन्हीं में से संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन साइंटिफिक रिसर्च की अर्चना देवकर द्वारा चयनित 12 स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा दे रही हैं। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग की नई पहल जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं वहां ऑनलाइन पढ़ाए जाने के समर्थन में संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वयंसेवक भी आगे आ रहे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई के लिए शुरू किए गए पायलेट प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिन 12 स्कूलों में शिक्षा दी जा रही है उनमें चांपा, खरोरा, बेमेतरा, सेल, कोमाखान, बालोद, मुंगेली, खौना, सांकरा, नवापारा के दो स्कूल और बरना स्कूल शामिल हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों में जहां विषयों के शिक्षक नहीं वहां विषय-विशेषज्ञों के माध्यम से पढ़ाई शुरू हुई है। इन स्कूलों में वाई-फाई कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई के लिए एलसीडी, प्रोजेक्टर, लैपटाप आदि की सुविधा की गई है।
10 हजार से अधिक बार और 300 से ज्यादा घंटे तक देखा गया
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और जुगाड़ स्टूडियों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र में तकनीकी टीम के विशेषज्ञों ने कला, वाणिज्य और विज्ञान (अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, हिन्दी, भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित) जैसे विषयों पर वीडियों विकसित किए हैं। इन्हें यू-ट्यूब चैनल- डीईएल (डिस्टेंस एजुकेशन लर्निंग) छत्तीसगढ़ पर 10 हजार से अधिक बार और 300 से ज्यादा घंटे तक देखा गया है।
इस साल प्रदेश में 38 स्कूल खोले जाएंगे
आगामी शिक्षा सत्र से प्रदेश में अंग्रेजी माध्यम के 38 स्कूल खोले जाने हैं। सभी बड़े शहरों में अंग्रेजी माध्यम के उत्कृष्ट स्कूल आगामी शिक्षा सत्र से प्रारंभ होना है। इन स्कूलों के लिए कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं की गई है, परंतु अपेक्षा यह है कि ऐसे स्कूल अधिक से अधिक संख्या में हो और प्रत्येक जिले में कम से कम एक ऐसा स्कूल हो। इन स्कूलों के लिए नए भवन नहीं बनाए जाएंगे। इन स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक की कक्षाएं एक साथ प्रारंभ की जाएगी।
आगामी शिक्षा सत्र से प्रदेश में इंग्लिश मीडियम के अच्छे स्कूलों खोेले जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा.आलोक शुक्ला ने सभी जिला कलेक्टरों को स्कूलों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए हैं। इन स्कूलों में पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई होगी। शुक्ला ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राजस्व संभाग के आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों से बात की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी शिक्षा सत्र से अंग्रेजी माध्यम के स्कूल प्रारंभ करने के लिए ऐसे विद्यालयों का चयन करें जिनकी दर्ज संख्या बहुत की कम हो। ताकि जिससे उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं करना पड़े। डाॅ. शुक्ला ने चयनित विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना का विकास स्थानीय निधियों से करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्यालयों में फर्नीचर, विज्ञान सामग्री, खेल सामग्री को स्कूल शिक्षा विभाग से उपलब्ध कराने की बात कही।
इंग्लिश मीडियम स्कूल जल्द, कलेक्टरों को स्कूलोंं के चयन के निर्देश