पीएम आवास बना ही नहीं, दूसरा मकान जियो टैग कर निकाल ली तीसरी किस्त

Dhamtari News - प्रधानमंत्री आवास योजना का आवास निर्माण अधूरा होने के बाद रुपए निकाल लिए गए हैं। यह आरोप गांव के लोगों ने लगाया...

Mar 27, 2020, 06:46 AM IST

प्रधानमंत्री आवास योजना का आवास निर्माण अधूरा होने के बाद रुपए निकाल लिए गए हैं। यह आरोप गांव के लोगों ने लगाया है। इसमें विभागीय लापरवाही की बात कही जा रही है। नियम विरूद्ध पैसा निकालने एवं अफसरों की मिलीभगत का आरोप ग्रामीणों ने लगाया हैं।

बताया गया है कि कुरूद विकासखंड के सांसद आदर्श ग्राम चर्रा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2018-19 में एक व्यक्ति के नाम से आवास स्वीकृत हुआ था। अफसरों के साथ मिलीभगत करके अन्य आवास को दिखाकर 5 माह पहले ही मकान की राशि निकाल ली गई है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिला पंचायत में की है। शिकायत के बाद 30 जनवरी को आवास स्थल पर जांच जिला पंचायत अफसरों ने की। पंचनामा कराया गया। बयान किए गए। शिकायत की जांच की गई। इसमें शिकायत सही पाई गई। सूचना के अधिकार में मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही बंशीलाल पिता बरनू पटेल ग्राम चर्रा का आवास स्वीकृत है। इनका मकान वर्तमान में अधूरा है। दूसरे आवास को जियो टैग कर दिया गया।

शिकायत पर जांच की गई। आवास निरीक्षण में हितग्राही का आवास वर्तमान में छत स्तर पर पाया गया। इसमें छत बनाने की तैयारी चल रही है। स्तर जियो टैग का आवास साफ्टवेयर में हुये अपलोड फोटो वर्तमान आवास से अलग पाया गया। गुणीराम पटेल ने बताया कि किश्त की राशि जल्द प्राप्त करने के लिए दूसरे आवास के सामने खड़े होकर जियो टैग कराया गया। ग्रामीण संतोष निषाद, तिलोचन, किरण ध्रुव, राजू, अवध राम आदि ने पंचनामा कार्यवाही के दौरान बंशी पटेल के पुत्र द्वारा किसी दूसरे के घर के सामने जियो टैग किया जाना स्वीकार किया है।

आवास मित्र को सेवा से कर दिया गया था अलग

तीसरी किस्त की राशि निकालने दूसरे आवास का जियो टैग 30 अप्रैल 2019 तथा 28 सितम्बर 2019 को छत स्तर का जियो टैग किया गया था। हितग्राही के बयान अनुसार दोनों स्तर का जियो टैग दुलेश्वर ध्रुव पूर्व आवास मित्र के द्वारा किया गया। 31 अगस्त 2019 को शासन के आदेशानुसार आवास मित्र को तत्काल प्रभाव से आवास मित्र की सेवा से अलग कर दिया गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर आवास कार्य मॉनिटरिंग एवं जियो टैग के लिये जनपद पंचायत से रोजगार सहायक को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। रोजगार सहायक के बयान के अनुसार उसके द्वारा जियो टैग नही करने एवं गलत जियो टैग की जानकारी नही होने की बात कही गई।

जनवरी में बनी जांच समिति, सही मिला आरोप

इस मामले की शिकायत 21 जनवरी 2020 को जिला पंचायत धमतरी में होने के बाद जांच समिति का गठन किया गया। आवास समन्वयक प्रताप नारायण सिंह ठाकुर एवं सहायक अभियंता मनेश साहू के द्वारा जांच की गई। इसमें बात सही पाई गई। गांव के लोगों ने नियम विरुद्ध काम करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।

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