फ्रांस के छह युवा शहर के बेरोजगारों को दे रहे ट्रेनिंग, डेढ़ साल में 109 को मिली जाॅब

News - पांच दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, एक दिन कंपनी विजिट इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष गौर ने बताया कि ट्रेनिंग...

Feb 15, 2020, 07:45 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news six youths of france giving training to unemployed in city 109 received in one and half year

पांच दिन प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, एक दिन कंपनी विजिट

इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष गौर ने बताया कि ट्रेनिंग देने के लिए छोटी-छोटी कंपनियां बनाई हैं, जहां युवाओं को प्रैक्टिकल और एक्सपीरियंस बेस्ड ट्रेनिंग दी जाती है। युवाअाें काे अपनी रिस्पॉन्सिबिलिटी, मनी व बिजनेस मैनेजमेंट के साथ वर्किंग प्लेस पर बात करने का तरीका सिखाया जाता है। इसके लिए होटल एंड रेस्तरां, साइबर कैफे, बैंक, कंस्ट्रक्शन, ईको जैसे ग्रुप बनाए गए हैं। कंस्ट्रक्शन ग्रुप में भी तीन कंपनियां हैं। पहली कंपनी कंस्ट्रक्शन के लिए जमीन तय करती है। दूसरी कंस्ट्रक्शन का जिम्मा संभालती है और तीसरी बिल्डिंग के फर्नीचर तैयार करने का काम देखती है। ईको ग्रुप का काम प्लांटेशन करना, खाद बनाना, किचन गार्डन डेवलप करना है। हफ्ते में पांच दिन युवा इन कंपनियों में काम कर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेते हैं। एक दिन थ्योरी बेस्ड ट्रेनिंग दी जाती है। संडे को टीम बिल्डिंग और कम्युनिटी डे रखा जाता है। कम्युनिटी डे के तहत सोशल वर्क और लोकल कंपनी विजिट जैसी एक्टिविटी रखी जाती है।


साल 2012 में फिलिपींस
में शुरू हुई थी संस्था


इस इंटरनेशनल संस्था की शुरुआत 2012 में फिलिपींस में ग्रीन विलेज के नाम से हुई थी। संस्था के इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष गौर ने बताया कि फ्रांस के जॉन मार्क डेलापोर्ट संस्था के फाउंडर मेंबर हैं। गैल मुराका, मारी होंगनट, ऐलोडि क्यूओ, आंत्वां ग्रब्यत्य, गैल बोज और अलबन पुरना रायपुर में इस इनिशिएटिव काे अागे बढ़ा रहे हैं। अलग-अलग इलाकों के 18 से 24 साल के जरूरतमंदों को ही संस्था ट्रेनिंग देती है।

कुछ हफ्तों में सिखा देते
हैं बेसिक इंग्लिश


साढ़े तीन महीने की ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को इंग्लिश की ट्रेनिंग भी दी जाती है। ट्रेनर्स युवाओं से इंग्लिश में बात करते हैं, जिसे लोकल ट्रेनर हिंदी में अनुवाद करते हैं। आशीष गौर ने बताया कि ट्रेनिंग के शुरुआती कुछ हफ्तों में ही प्रतिभागी इंग्लिश बोलना सीख जाते हैं। ट्रेनिंग के बाद ज्यादातर युवाअों को जॉब मिल गई है। कुछ बतौर आंत्रप्रेन्योर बिजनेस कर रहे हैं।

सिटी रिपोर्टर. रायपुर

राजधानी रायपुर से महज 25 किलोमीटर दूर सारागांव में फ्रांस के 6 यंगस्टर्स सिटी के 7 युवाओं के साथ मिलकर शहर के बेरोजगारों को काबिल बनाकर जॉब अवेलेबल कराने की दिशा में काम रहे हैं। इंटरनेशनल संस्था लाइफ प्रोजेक्ट फॉर यूथ से जुड़े ये यंगस्टर्स बेरोजगार युवाओं काे रेस्तरां, बैंक, कंस्ट्रक्शन कंपनी की जरूरतों के अनुसार निशुल्क ट्रेनिंग दे रहे हैं। इनका सेंटर सारागांव में है। इसकी शुरुआत जुलाई 2018 में हुई थी। अब तक साढ़े तीन-साढ़े तीन महीने की चार बैच में 157 बेरोजगारों को निशुल्क ट्रेनिंग दे चुके हैं। इनमें से 108 युवाओं को अब जॉब मिल चुका है। वहीं, 11 युवा ट्रेनिंग के बाद अपना बिजनेस शुरू कर चुके हैं। यहां से ट्रेनिंग लेने वाले युवा सेल्स एग्जीक्यूटिव, एकाउंटेंट, डाटा एंट्री अाॅपरेटर, कंप्यूटर अाॅपरेटर, शेफ, सुपरवाइजर, सॉफ्ट स्किल ट्रेनर,जैसे जॉब कर रहे हैं। वर्तमान में 56 युवाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है। ट्रेनिंग के बाद जाॅब सर्च किया जाएगा। फ्रांस से आए यंगस्टर्स ने माइक्रो कंपनियां डेवलप की हैं। युवाओं को इन्हीं कंपनियों ने अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाती है। उन्हें कंपनी की जरूरताें के अनुसार काम करना सिखाया जाता है।

युवाओं को ट्रेनिंग देते संस्था के फाउंडर मेंबर जॉन मार्क।

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