रायपुर महापौर का पद इस बार महिला ओबीसी को संभव, लेकिन सभी वार्डों का अारक्षण नए सिरे से

News - रायपुर नगर निगम के 2019 के चुनाव में महापौर का पद महिला ओबीसी के लिए आरक्षित होने की पूरी संभावना है। नगर पालिक निगम...

Bhaskar News Network

Sep 14, 2019, 07:45 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news the post of raipur mayor is possible this time for women obcs but the guarding of all wards is renewed
रायपुर नगर निगम के 2019 के चुनाव में महापौर का पद महिला ओबीसी के लिए आरक्षित होने की पूरी संभावना है। नगर पालिक निगम अधिनियम के अनुसार इस साल महापौर पद के आरक्षण के लिए पिछले तीन चुनाव के आरक्षणों को अाधार बनाया जाएगा। नियम के मुताबिक रायपुर महापौर के लिए चार वर्गों में अारक्षण हो रहा है। ये चार वर्ग हैं। ओबीसी अनारक्षित, अनारक्षित, महिला अनारक्षित और महिला ओबीसी। इनमें से पिछले तीन चुनाव में पहले तीन वर्गों का अारक्षण हो चुका है। अब चौथा यानी महिला ओबीसी वाला विकल्प ही बचा है। नियम के जानकारों और अफसरों से मिली जानकारी और समीकरण के आधार पर इस बार रायपुर महापौर का पद महिला ओबीसी के लिए आरक्षित होना तय माना जा रहा है। राज्य के सबसे बड़े रायपुर नगर निगम में महापौर का चुनाव पर राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियों के लिए प्रतिष्ठा दांव पर रहती है। अब तक आरक्षण नहीं होने की वजह से दोनों ही पार्टियों ने अपने संभावित उम्मीदवार अब तक घोषित नहीं किए हैं। राज्य शासन ने गुरुवार आरक्षण कार्यक्रम जारी कर दिया है। दैनिक भास्कर की टीम ने कार्यक्रम घोषित होने के बाद नगर पालिक निगम के अधिनियम के आधार पर आरक्षण की स्थिति और समीकरण का जानकारी ली। जानकारों का कहना है कि अधिनियम में चक्रानुक्रम आरक्षण के लिए पिछले तीन चुनाव को आधार लिया जाता है। चूंकि रायपुर एसटी और एससी बहुल नहीं है, इसलिए यहां के अारक्षण में इन वर्गों को शामिल नहीं किया गया है। अर्थात इस निगम के महापौर पद का अारक्षण कभी एससी या एसटी नहीं हो पाएगा। ऐसे में आरक्षण के चार वर्ग बचते हैं। पहला अनारक्षित, दूसरा ओबीसी अनारक्षित, तीसरा महिला अनारक्षित और चौथा महिला ओबीसी। पहले तीन वर्ग से पिछले तीन चुनाव में आरक्षण हो चुका है। इसलिए जानकारों का कहना है कि इस बार रायपुर में महापौर का पद सिंगल महिला ओबीसी के लिए ही आरक्षित होगा।

महापौर के पिछले अारक्षण





कुछ पार्षदों की लाॅटरी फिर लग

सकती है नए वार्ड अारक्षण से

नगरपालिका अधिनियम के मुताबिक रायपुर के सभी 70 वार्डों की सीमाएं बदलने की वजह से इस बार आरक्षण नए सिरे से होगा। अर्थात यहां के सभी वार्डों में पिछले चुनाव के लिए जो भी अारक्षण रहा हो, इस बार वह बिलकुल नहीं रहेगा, ऐसा नहीं है। चूंकि पूरा अारक्षण नए सिरे से होगा, इसलिए कई वार्डों के पिछले अारक्षण स्टेटस रिपीट भी हो सकते हैं। अर्थात कई पार्षद जो अारक्षण बदलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए अाजू-बाजू वाले वार्डों में अपनी जमीन तलाश रहे हैं, उनमें से कई को अपने ही वार्ड में फिर चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को सभी कलेक्टरों को आरक्षण मार्गदर्शिका सिद्धांत भेज दिया है।

राजधानी में 12 वार्ड एससी-एसटी

18 ओबीसी व बचे 40 अनारक्षित

सभी कलेक्टर और जिला निर्वाचन पदाधिकारी इसी आधार पर वार्डों का आरक्षण करेंगे। नियम के अनुसार अनुसूचित जाति और जनजाति के वार्डों का आरक्षण इसी वर्ग के लोगों की जनसंख्या के आधार पर किया जाएगा। 70 में से 12 वार्ड अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए आरक्षण होंगे। 18 वार्ड ओबीसी के लिए तथा शेष 40 वार्ड अनारक्षित रहेंगे। सभी वर्ग में एक तिहाई वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे।

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