जिस टाटीबंध चौक पर सालभर में 35 मौतें, वहां फ्लाईओवर तो बनेगा पर सुधारने का प्लान नहीं

News - इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | रायपुर टाटीबंध चौक पर इंटरचेंज फ्लाईओवर का काम कुछ दिन में ही शुरू होगा और यह काम...

Bhaskar News Network

Nov 10, 2019, 07:45 AM IST
Raipur News - chhattisgarh news the tatibandh chowk where 35 deaths occur in a year there will be a flyover but there is no plan to improve it
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर | रायपुर

टाटीबंध चौक पर इंटरचेंज फ्लाईओवर का काम कुछ दिन में ही शुरू होगा और यह काम इससे जुड़नेवाली सभी पांच सड़कों पर चलेगा क्योंकि सारे फ्लाईओवर सड़क से करीब 30 फीट ऊपर एक साथ जुड़ने हैं। नेशनल हाईवे ने काम शुरू करवाने की तैयारी तो कर ली है, लेकिन जब तक फ्लाईओवर तैयार नहीं हो जाते, मौजूदा ट्रैफिक इसी चौराहे और मौजूदा सड़कों से ही गुजरेगा। निर्माण के दौरान सड़कों की चौड़ाई और कम हो जाएगी, इसलिए समस्या गहराने वाली है। लेकिन सभी को अगले दो साल तक टाटीबंध चौक पर उन्हीं मुसीबतों और खतरों से गुजरना पड़ेगा, क्योंकि इसके लिए नेशनल हाईवे और राज्य शासन, दोनों में से किसी के पास लोगों को राहत देने का कोई प्लान फिलहाल नहीं है।

टाटीबंध चौक पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की देखरेख में फ्लाईओवर का निर्माण होना है। अधिग्रहण और फंड की कमी की वजह से यह काम वैसे ही सालभर बाद शुरू हो रहा है। फ्लाईओवर के इंतजार में दोनों रिंगरोड समेत पांचों सड़कें इस चौराहे के जंक्शन पर बुरी तरह टूटी हुई हैं। इन्हीं गड्ढों में हादसे हो रहे हैं। फ्लाईओवर का काम शुरू होने के बाद इन्हीं सड़कों पर स्ट्रक्चर खड़े होंगे, इसलिए ये गड्ढेदार होने के साथ-साथ और संकरी हो जाएंगी। ऐसे में अगले डेढ़-दो साल तक यहां से गुजरनेवाले हर व्यक्ति को चौक के अासपास का दो-तीन सौ मीटर हिस्से में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

ट्रैफिक सिस्टम को ठीक करने की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं

एनएचआई के पास फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान ट्रैफिक सिस्टम को ठीक रखने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ट्रैफिक पुलिस की सर्वे रिपोर्ट के अनुसार यहां से 24 घंटे में लगभग डेढ़ लाख वाहन गुजर रहे हैं, जिसमें 55 फीसदी भारी वाहन हैं। इसके बावजूद सड़क संकरी होने तथा बिल्डिंग मटेरियल पड़ा होने की दशा में हादसों का खतरा कैसे कम किया जाए, इसका भी कोई प्लान नहीं है। इतने बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले नेशनल हाईवे और निर्माण एजेंसी के साथ ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय होता है कि राहत कैसे दी जाए, लेकिन यहां अब तक इसकी कोई सुगबुगाहट नहीं है। जानकारों का मानना है कि अगर इस बारे में फैसला नहीं हुअा तो लोगों का भिलाई और दुर्ग अाना-जाना मुश्किल हो जाएगा। दिल्ली की एजेंसी शेवराक्स कंस्ट्रक्शंस को इंटरचेंज फ्लाईओवर बनाने का ठेका दिया गया है। चौक पर दो रोटेटरी बनाकर फ्लाईओवर को चार अलग-अलग सड़कों में डायवर्ट करना है। इसके लिए सभी मौजूदा सड़कों पर बड़े-बड़े पिलर खड़े करने होंगे, तभी ऊपर फ्लाईओवर बनेगा। जानकारों का दावा है कि एक साथ सभी पर काम शुरू हुअा तो संभालना मुश्किल होगा। इससे पूरा ट्रैफिक सिस्टम ध्वस्त हो जाएगा और हादसे भी बढ़ने लगेंगे। फ्लाईओवर के तय डिजाइन के मुताबिक यदि एक साथ सभी हिस्सों में काम शुरू किया गया तो चौक पर ट्रैफिक को पूरी तरह से बंद करना होगा।

सालभर रुका रहा काम : टाटीबंध चौक पर साल दर साल हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। दस साल में इस चौक के डिजाइन में तीन बार बड़े बदलाव किए जा चुके, लेकिन राहत नहीं मिली। पिछली सरकार में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री राजेश मूणत ने मिलकर इंटरचेंज फ्लाईओवर को मंजूर किया था। लेकिन सरकार बदलने के साथ ही केंद्र ने फ्लाईओवर के लिए तय बजट को रोक दिया। इसके अलावा चौक पर निजी जमीन का अधिग्रहण भी समय पर नहीं हो सका। इसके लिए एनएचआई और जिला प्रशासन ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी थोपते रहे। इसी चक्कर में टाटीबंध चौक पर पिछले सालभर से फ्लाईओवर बनाने का काम रुका रहा।

बिजली खंभों को करेंगे शिफ्ट


ट्रैफिक विभाग के साथ होगी बैठक


एक्सपर्ट राय

मनीष पिल्लीवार, इंजीनियर

ट्रैफिक डायवर्ट करना होगा

1. टाटीबंध चौक पर हैवी ट्रैफिक को देखते हुए ट्रैफिक डायवर्ट करना होगा।

2. भिलाई-दुर्ग के वाहन तीन रास्तों पर जाते हैं। इनकी व्यवस्था करनी होगी।

3. रिंग रोड-1 के वाहनों के लिए सर्विस रोड बनानी होगी ताकि वहीं से निकलें।

4. काम अलग-अलग पैच में करना होगा, ताकि ट्रैफिक स्मूथ रखा जा सके।

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