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युवती और साथियों ने दो युवकों को दुष्कर्म में फंसाने की धमकी दी, पैसे नहीं मिले तो जेल भिजवाया, अब खुद फंसे

एक वर्ष पहले
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अपने ही झूठ में फंसे

टेमरी गांव के डेयरी व्यवसायी को एक युवती ने झांसा देकर फार्महाउस में बुलवा लिया। दोनों पहुंचे ही थे कि कुछ देर में युवती के चार साधी पहुंच गए। उन्हें देखकर युवती दुष्कर्म का हल्ला मचाने लगी। तब उसके साथियों ने दोनों को जमकर पीटा। इसके बाद मामला रफा-दफा करने की बात कहते हुए युवकों से 50 लाख रुपए मांग लिए। व्यवसायी ने पैसे नहीं दिए तो युवती ने युवक के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज करवा दिया। युवक और उसके साथी जेल भेज दिया गया, तब उसके भाई ने एसएसपी आरिफ शेख से शिकायत की। पूरे मामले की नए सिरे से जांच करवाई गई, तब गिरोह बनाकर ब्लैकमेलिंग का भंडाफोड़ हुअा। पुलिस के आला अफसर भी ब्लैकमेलिंग के इस फार्मूले के सामने आने से हैरान है।

पुलिस ने दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट लिखाने वाली युवती और गिरोह के मास्टर माइंड उमेश रगरे व अजय साहू के अलावा मनोज रगरे और राज तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पांचों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस दुष्कर्म के झूठे केस में बंद ललित यादव और उसके दोस्त के खिलाफ दर्ज मामले को खारिज करने प्रक्रिया करेगी। ललित यादव टेमरी गांव का रहने वाला है। उसका दोस्त भी वहीं का है। दोनों 16 फरवरी की रात से जेल में बंद है। युवती ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। उस केस में उमेर रगरे, अजय, मनोज और राज तिवारी गवाह हैं।

एसएसपी ने एडिशनल एसपी ग्रामीण तारकेश्वर पटेल को गुप्त तौर पर जांच करने को कहा। उन्होंने अपनी टीम के साथ तहकीकात शुरू की। सबसे पहले दुष्कर्म की रिपोर्ट लिखाने वाली युवती का कॉल डिटेल निकाला गया। इसमें पता चला ललित ने पहला कॉल नहीं किया था। पहला फोन युवती ने ही किया था। इसके बाद सबके कॉल रिकार्ड से झूठ खुल गया।

फोन पर झांसा देकर वीआईपी रोड पर बुलवाया

15 जनवरी को सुबह डेयरी कारोबारी ललित यादव के मोबाइल पर युवती का फोन आया। उसने कुछ अश्लील बातें की। फिर उसे मिलने के लिए वीआईपी रोड पर बुलवाया। ललित अपने दोस्त के साथ पहुंच गया। वहीं रोड पर उन्होंने कुछ देर बातें की। उसके बाद युवती ने कहा उसके मम्मी-पापा बाहर जा रहे हैं। उसे सामान पैक करना है। रात करीब 9 बजे उसने फिर ललित को फोन किया। ललित फिर अपने दोस्त के साथ वीआईपी रोड पर पहुंचा। तीनों वहीं टेमरी के पास एक फार्म हाउस में घुस गए। कुछ ही मिनट में युवती के गिरोह में शामिल चारों ब्लैकमेलर धड़धड़ाते वहां घुस गए। उन्हें देखते ही युवती ने दुष्कर्म का नाटक शुरू कर दिया। चारों ने दोनों की पिटाई शुरू कर दी। उसके बाद व्यवसायी से 50 लाख मांगे। टेमरी के फार्म हाऊस में उन्हें कब्जे में लेने के बाद चारों बदमाशों ने उन्हें कार में बिठाया और तीन घंटे तक शहर में अलग-अलग जगह घुमाते रहे। ललित और उसके दोस्त जब किसी भी सूरत में पैसे देने को राजी नहीं होते दिखे तब युवकों ने स्वागत विहार से फोन कर पुलिस बुलाई और दोनों को सौंप दिया।

फर्स्ट पर्सन

क्यों बनाया निशाना : ललित और उसके परिवार ने करीब दो साल पहले टेमरी की एक जमीन 50 लाख में बेची है। ये बात अजय साहू को पता चली। उसने उमेश रगड़े से मिलकर कहा कि इस परिवार के किसी सदस्य को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूले जा सकते हैं। उमेश को आइडिया पसंद आ गया। उसने दुष्कर्म के झूठे केस की कहानी बनाई। इसके लिए युवती और दो अन्य को साथ मेें ले लिया।


पीड़ित के छोटे भाई राजेश की जुबानी...

16 फरवरी को आधी रात मुझे फोन आया कि मेरे भाई ललित को पुलिस ने पकड़ लिया है। मैं घबरा गया। मुझे कुछ नहीं सूझा। मैं उसी समय मुजगहन थाने पहुंचा। उस समय कोई बड़े अफसर नहीं थे। मैंने बहुत पूछा पर किसी ने कुछ नहीं बताया। भाई लॉकअप में बंद छटपटा रहा था। मैं कुछ नहीं कर सका। दूसरे दिन सुबह गांव के कुछ लोगों के साथ फिर थाने पहुंचा। वहां पहुंचे तो पता चला दोनों ने दुष्कर्म कर दिया है। मैं सन्न रह गया। भाई से मिला तो वह फूट फूटकर रोने लगा। उसने बताया सब झूठ बोल रहे हैं। मुझे उसकी बात पर यकीन हो गया। पर वहां हमारी बात मानने वाला कोई नहीं था। चार-पांच दिन तक यही सोचता रहा क्या करुं? कुछ समझ नहीं आ रहा था। फिर किसी ने एसएसपी से मिलने को कहा। मैं उनसे मिला। सच्चाई बतायी। उन्होंने भरोसा दिलाया और फिर बड़े साहब लोगों से जांच करवायी।
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