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दसवीं में गणित का खौफ इस बार भी, फॉर्मभरने के बाद भी साढ़े आठ हजार गैरहाजिर

एक वर्ष पहले
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छत्तीसगढ़ बोर्ड के तहत गुरुवार को दसवीं में गणित का पर्चा हुआ। गणित का खौफ इस बार भी छात्रों में रहा। परीक्षा फार्म भरने के बाद भी करीब साढ़े आठ हजार स्टूडेंट्स परीक्षा से दूर रहे। इन्होंने परीक्षा नहीं दी। गणित के पेपर में 5 छात्र नकल सामग्री के साथ पकड़े गए। अब शुक्रवार को बारहवीं में मैथ का पेपर होगा।

दसवीं की परीक्षा के लिए 3,91,255 ने आवेदन किया था। गणित की परीक्षा में 3,82,652 परीक्षार्थी शामिल हुए। करीब साढ़े आठ हजार ने परीक्षा नहीं दी। शिक्षाविदों का कहना है कि नए कोर्स के तहत गणित को 75 और 25 के अनुपात में बांटा गया है। यानी 25 नंबर का प्रोजेक्ट वर्क और 75 नंबर की थ्योरी। प्रोजेक्ट वर्क के लिए स्कूल स्तर पर दिसंबर-जनवरी में परीक्षा हुई। गुरुवार को थ्योरी के तहत 75 नंबर की परीक्षा हुई। नए कोर्स भी कई छात्रों के लिए कठिन है। जबकि पुराने कोर्स की तुलना में इसमें पास होने की संभावनाएं ज्यादा है, फिर भी बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा से दूर रहे। शिक्षाविदों का कहना है कि दसवीं में गणित, विज्ञान और अंग्रेजी तीन कठिन विषय माने जाते हैं। इसमें से गणित सबसे कठिन है। क्योंकि, इसमें मन से कुछ भी लिखना मुश्किल है। कमजोर छात्र इसलिए भी इस विषय से बचते हैं। पिछले बरसों में भी यह देखा गया है कि गणित में अनुपस्थिति का आंकड़ा अन्य विषयों की तुलना में अधिक रहता है। इस बार भी ऐसी ही स्थिति बनी। हालांकि, पिछले बरसों की तुलना में इस बार गणित का पेपर अपेक्षाकृत आसान रहा है। शिक्षाविदों का कहना है कि इस बार पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ेगी।

26 तक होगी दसवीं की परीक्षा, 12वीं की परीक्षा 31 तक

पिछली बार फेल हुए थे आधे छात्र | दसवीं बोर्ड का रिजल्ट पिछली बार करीब 68 प्रतिशत रहा था। परीक्षा में कुल 3,84,664 शामिल हुए थे। इसमें से 2,61,177 पास हुए। 1,23,487 फेल हुए। जो छात्र फेल हुए उनमें से अाधे छात्र गणित विषय में भी फेल हुए। हालांकि, पुराने कोर्स में गणित में फेल होने वाले छात्रों का आंकड़ा ज्यादा रहता था। पिछले साल इसमें सुधार देखा गया। फिर भी करीब 50 प्रतिशत छात्र गणित ही फेल हुए।


शहर के एक सरकारी स्कूल में परीक्षा के बाद बाहर निकलते छात्र।

दसवीं बोर्ड की परीक्षा 26 तक होगी। गणित के बाद अब 14 को द्वितीय व तृतीय भाषा सामान्य अंग्रेजी की परीक्षा होगी। यह पेपर भी छात्रों के लिए थोड़ा कठिन रहेगा। इसके बाद फिर संस्कृत व अन्य विषयों की परीक्षा होगी। 23 मार्च को व्यवसायिक पाठ्यक्रम की परीक्षा होगी। इसके बाद 26 मार्च को संगीत व ड्राइंग और पेंटिंग का पेपर होगा। यह परीक्षा सिर्फ मूक बधिर और दृष्टिहीन छात्रों के लिए होगी। बारहवीं की परीक्षा 31 मार्च तक होगी।
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