इंदौर के ट्रैफिक विशेषज्ञों ने बताई राजधानी की यातायात की खामियां, इसे सुधारने उपाय भी सुझाए

News - रायपुर| राजधानी के चौक-चौराहे और सड़कें लेफ्ट फ्री होनी चाहिए ताकि लेफ्ट चलने वालों को सिग्नल पर भी रूकने की जरूरत न...

Dec 04, 2019, 08:35 AM IST
रायपुर| राजधानी के चौक-चौराहे और सड़कें लेफ्ट फ्री होनी चाहिए ताकि लेफ्ट चलने वालों को सिग्नल पर भी रूकने की जरूरत न पड़े। इससे जाम नहीं लगेगा। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ना होगा। उन्होंने प्रेरित करने के साथ जागरूक करना होगा। अगर लोग खुद से नियमों का पालन करने लगेंगे तो ट्रैफिक खुद सुधर जाएगा। यह जानकारी इंदौर से आए ट्रैफिक एक्सपर्ट ने दी। इंदौर स्मार्ट सिटी बन गया है। उसी तरह रायपुर में भी स्मार्ट सिटी का काम चल रहा है। इसलिए ट्रेनिंग के लिए इंदौर के ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रसून जोशी को बुलाया गया है। उन्होंने मंगलवार को ट्रैफिक के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक सिस्टम कैसा होना चाहिए इसकी जानकारी दी। एएसपी एमआर मंडावी, डीएसपी सतीश ठाकुर, सदानंद सिंह विंध्यराज, मणिशंकर चंद्रा समेत 150 ट्रैफिक वाले उपस्थित थे।



उन्हें प्रोजेक्टर पर कुछ फिल्म और फोटो दिखाई गई। उन्हें बताया गया कि इंदौर में किस तरह सेे ट्रैफिक को लेकर काम हुआ है, तब जाकर व्यवस्था सुधर पाई है। सबसे पहले लोगों को ट्रैफिक अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि हर चौक और सड़क पर वार्डन बनाया जाए, तो खुद खड़े होकर लोगों को जागरूक करें। पहले वार्डन को ट्रेनिंग दे, फिर उनके माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित करें। शहर की सड़क और चौक लेफ्ट फ्री होना चाहिए। इसके लिए चौक-चौराहे की डिजाइन बदलने की जरूरत है। सड़कों से बेजा कब्जा हटाया जाए। रोड इंजीनियरिंग पर काम करना पड़ेगा। उन्हें सड़कों पर सुविधा मिलेगी तभी नियम का पालन करेंगे। लोगों को जुर्माना और सजा की जानकारी होनी चाहिए।

रायपुर| राजधानी के चौक-चौराहे और सड़कें लेफ्ट फ्री होनी चाहिए ताकि लेफ्ट चलने वालों को सिग्नल पर भी रूकने की जरूरत न पड़े। इससे जाम नहीं लगेगा। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा जोड़ना होगा। उन्होंने प्रेरित करने के साथ जागरूक करना होगा। अगर लोग खुद से नियमों का पालन करने लगेंगे तो ट्रैफिक खुद सुधर जाएगा। यह जानकारी इंदौर से आए ट्रैफिक एक्सपर्ट ने दी। इंदौर स्मार्ट सिटी बन गया है। उसी तरह रायपुर में भी स्मार्ट सिटी का काम चल रहा है। इसलिए ट्रेनिंग के लिए इंदौर के ट्रैफिक एक्सपर्ट प्रसून जोशी को बुलाया गया है। उन्होंने मंगलवार को ट्रैफिक के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को स्मार्ट सिटी में ट्रैफिक सिस्टम कैसा होना चाहिए इसकी जानकारी दी। एएसपी एमआर मंडावी, डीएसपी सतीश ठाकुर, सदानंद सिंह विंध्यराज, मणिशंकर चंद्रा समेत 150 ट्रैफिक वाले उपस्थित थे।



उन्हें प्रोजेक्टर पर कुछ फिल्म और फोटो दिखाई गई। उन्हें बताया गया कि इंदौर में किस तरह सेे ट्रैफिक को लेकर काम हुआ है, तब जाकर व्यवस्था सुधर पाई है। सबसे पहले लोगों को ट्रैफिक अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि हर चौक और सड़क पर वार्डन बनाया जाए, तो खुद खड़े होकर लोगों को जागरूक करें। पहले वार्डन को ट्रेनिंग दे, फिर उनके माध्यम से लोगों को प्रशिक्षित करें। शहर की सड़क और चौक लेफ्ट फ्री होना चाहिए। इसके लिए चौक-चौराहे की डिजाइन बदलने की जरूरत है। सड़कों से बेजा कब्जा हटाया जाए। रोड इंजीनियरिंग पर काम करना पड़ेगा। उन्हें सड़कों पर सुविधा मिलेगी तभी नियम का पालन करेंगे। लोगों को जुर्माना और सजा की जानकारी होनी चाहिए।

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