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डाउनलोड करेंबेतिया/बगहा. बहुचर्चित नौरंगिया पुलिस फायरिंग के पीड़ित परिवारों में सात आश्रितों की सरकारी नौकरी अब तय है। इन्हें नौकरी के लिए जरूरी शैक्षिक योग्यता के प्रावधान को शिथिल करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। बगहा के बिनवलिया स्थित खेल मैदान में अखिल भारतीय थारू महासंघ के 40वें महाधिवेशन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह घोषणा की। थारू जनजाति के लिए आरक्षण 1% से बढ़ाकर 5% किए जाने की मांग पर सीएम ने कहा कि 2021 की जनगणना रिपोर्ट सामने आने पर ही ऐसा कर पाना संभव होगा। हालांकि यह विषय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। मुख्यमंत्री ने बगहा को जिला बनाने पर कहा कि राज्य में जब भी नए जिले बनेंगे, बगहा उसमें शामिल रहेगा। उन्होंने कहा कि थारू जनजाति के उत्थान के लिए वह सदैव तत्पर रहे हैं।
थारू और उरांव जनजाति के लिए 5 एसटी स्कूलों को मंजूरी
सीएम ने कहा कि थारू व उरांव जनजाति के शैक्षिक उत्थान के लिए उनकी सरकार ने इस जिले में पांच एसटी आवासीय विद्यालयों को मंजूरी दी। बगहा में सरकारी डिग्री कॉलेज के निर्माण के लिए राशि उपलब्ध कराई गई। आवासीय विद्यालयों में रहनेवाले छात्रों को अब हर माह एक हजार रुपए तथा 15 किलो अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।
महिला सशक्तीकरण टॉप एजेंडा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत व नौकरियों में महिला आरक्षण, शराबबंदी, दहेज व बाल विवाह पर रोक, जीविका आदि तमाम योजनाएं महिला सशक्तीकरण के उनके अभियान का हिस्सा है। महिलाओं के उत्थान के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं।
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