पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • सुसाइड करने जा रही मां को बच्चियों ने रोका, Sucide Karne Ja Rhi Maa Ko Bacchiyon Ne Roka

सुसाइड करने जा रही मां को बच्चियों ने रोका, कहा-पहले हमें नानी के घर छोड़ आओ फिर चली जाना

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

जालंधर (पंजाब). घरेलू हालात से दुखी होकर सुसाइड करने आई महिला को तीन बेटियों ने सिटी स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदने से रोक लिया। जिले के नकोदर रोड की रहने वाली 4 बेटियों की मां मंगलवार दोपहर सिटी स्टेशन पर पहुंची। 3 बेटियां भी उसके साथ थी। 1.33 बजे टाटा मूरी ट्रेन सिटी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आ रही थी। प्लेटफार्म-1 पर बैठी महिला अपने बच्चों के साथ ट्रेन की ओर बढ़ने लगी। मगर बेटियों ने मां को पकड़ लिया। मां ने सबसे छोटी दो बेटियों से तो खुद को छुड़ा लिया, लेकिन दस साल की बेटी ने मां को नहीं छोड़ा। कुछ दूर खड़ी रेलवे कर्मचारी चीख-चीखकर कह रही थी- ‘तुम क्या कर रही हो।’


रोते-रोते बोली- पति शक करता है, इसलिए मर रही थी

- रोते हुए महिला ने बताया कि उसका पति उसपर शक करता है और पीटता भी है। वह परिवार की मदद करना चाहती है और इसीलिए जॉब करती है।

- शादी को 12 साल हो गए, जिंदगी नर्क बन चुकी है। चार बेटियां हैं, जिनमें से एक को होशियारपुर नानी के घर छोड़ा है।

- मौके पर पहुंचे पति से मारपीट का कारण पूछा तो बोला- उसने कभी कुछ नहीं कहा। सास-बहू में कहासुनी हुई थी। शायद इसलिए ऐसा कदम उठाया।

- मौके पर मौजूद लोगों ने महिला और पति को समझाया। महिला ने कहा कि वह दोबारा ऐसा कदम नहीं उठाएगी और पति ने कहा कि वह उसे खुश रखेगा।

- उसके बाद पति ने बेटियों को गोद में उठाया और महिला के साथ घर की ओर रवाना हो गया।

 

पति ने कहा- परिवार को खुश रखूंगा

 

- इस दौरान दैनिक भास्कर के दो जर्नलिस्ट प्लेटफार्म-2 पर थे। दोनों ने शोर मचाया कि कोई उस महिला को रोके। जर्नलिस्ट दौड़ते हुए प्लेटफार्म-1 पर पहुंचे। ट्रेन पास से निकल रही थी।

- महिला बच्चियों से लगातार बोल रही थी- ‘मुझे दूसरी दुनिया में जाना है तुम तीनों यहीं रहो’ मासूम बच्चियां मां से लिपट गईं। वो मां से कह रही थीं- ‘पहले हमें नानी के घर छोड़कर आओ फिर चली जाना।’

- ऐसे में जर्निलिस्टों ने तुरंत महिला को ट्रेन से दूर कर दिया। भास्कर टीम ने महिला के पति को फोन किया तो महिला बोली- ‘इस बार तो लड़कियों ने बचा लिया अगली बार नहीं बचूंगी। इस दौरान जब तक पति मौके पर नहीं पहुंचा, तब तक भास्कर टीम ने महिला और बच्चियों को संभाला।