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मासूमों ने और महिलाओं ने अंगारों पर दौड़कर दिखाई अपनी भक्ति, बच्चों को भी बना दिया अंधभक्ति का मोहरा

3 वर्ष पहले
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जालंधर.  जिले के दोमोरिया पुल काजी मंडी में रविवार को मां मारी अम्मा का मेला मनाया गया। 500 भक्तों ने अग्निकुंड में नंगे पांव चलकर परीक्षा दी। परिवार की खुशहाली व रोगों से मुक्ति दिलाने की मुरादें मांगते हुए भक्तों ने दी। पांच फीट चौड़े और 20 फीट लंबी बने अग्निकुंड में कोई नाचते गाते हुए नंगे पांव चल रहा था, तो कोई बच्चों को कंधे पर उठा कर चल रहा था। काईयों ने इसे भाग कर क्रॉस किया, इसी में 60 वर्षीय लक्ष्मी परीक्षा के समय गिर पड़ी। सूरज ढलने से पहले शुरू हुए इस मेले में कइयों ने बच्चों को उठाकर इस परीक्षा को पूरा किया। भक्ति दिखाने से मिली आत्मसंतुष्टि... 

- इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए आसपास के घरों की छतों और मंदिर की छत पर भी लोगों खड़े थे। जैसे ही माइक पर घोषणा हुई, सभी भक्त अंगारों से भरे गड्ढे की ओर भागे।

- भक्त मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित सिद्धि विनायक गणपति मंदिर में भी माथा टेककर अग्निपरीक्षा के लिए बढ़े। ढोल की थाप पर नंगे पांव चलते हुए उन्होंने अंगारों को पार किया।

- वार्षिक मेले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत भी मौजूद थे।

 

अंगारों पर स्पर्श का समय कम होता है...


प्लास्टिक सर्जन डॉ. पुनीत पसरीचा ने बताया कि श्रद्धालु अंगारों से तेज़ी से पैर उठा लेते हैं। अंगारों के साथ स्पर्श का समय बेहद कम होता है। ऐसे में जब वह कदम उठाते हैं और फिर से अंगारों पर पैर रखते हैं तो हवा में पैर द्वारा बिताया गया समय अंगारों पर रखे समय से ज्यादा होता है। इसलिए उनके पैर नहीं जलते।