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डाउनलोड करेंबीजिंग. अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा पर बड़े पैमाने पर खनन करने के दावों को चीन ने सोमवार को खारिज कर दिया। चीन का कहना है कि उस इलाके में प्राकृतिक संसाधनों की तलाश के लिए सर्वे किए जाते हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय ने दी सफाई
- चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि रिपोर्ट में जिस क्षेत्र की बात की जा रही है वो चीन का हिस्सा है। चीन वहां नियमित रूप से भूवैज्ञानिक खोज करता रहता है। इकोलॉजिकल वातावरण को चीन हमेशा महत्व देता है। हम उम्मीद करते हैं कि मीडिया में आई रिपोर्ट महज अफवाह है।
- दक्षिणी तिब्बत पर फिर से कब्जा करने की मंशा के सवाल पर लू कांग ने कहा कि सीनो-भारत सीमा पर चीन का नजरिया साफ है। चीन ने कभी भी अरुणाचल प्रदेश को स्वीकार नहीं किया है। बीजिंग और दिल्ली सीमा विवाद को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं और इसमें निष्पक्ष न्याय की उम्मीद है।
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट ने किया था ये दावा
- रविवार को हॉन्गकॉन्ग के अखबार साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की खबर में ये दावा किया गया था कि चीन ने अरुणाचल से सटी सीमा पर अपने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन शुरू किया है।
- रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन को सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं का विशाल भंडार मिला है। इसकी कीमत करीब 60 अरब डॉलर (करीब 4 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है।
दो महीने से ज्यादा चला था डोकलाम विवाद
- डोकलाम में विवाद 16 जून 2017 को शुरू हुआ था और 28 अगस्त तक चला। अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी।
- जून में इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि, चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।
- इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 किमी लंबा बॉर्डर है। इसका 220 किमी हिस्सा सिक्किम में आता है।
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