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चीन ने 60 अरब डॉलर के अमेरिकी आयात पर 25% तक शुल्क की धमकी दी, भारत ने 45 दिन टाला बढ़ा हुआ टैरिफ

चीन ने 5207 वस्तुओं की लिस्ट तैयार की जिन पर शुल्क लगाया जा सकता है

Dainik Bhaskar

Aug 04, 2018, 01:37 PM IST
अमेरिका-चीन के बीच इस साल मार् अमेरिका-चीन के बीच इस साल मार्

  • अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवाद इस साल मार्च से शुरू हुआ
  • 2017 में अमेरिका से चीन का इंपोर्ट 129.9 अरब डॉलर का रहा, चीन से 505 अरब डॉलर का माल अमेरिका आया
  • टैरिफ वॉर से चीन को नुकसान, जापान दुनिया का दूसरा सबड़े बड़ा शेयर बाजार बना

बीजिंग. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर अपने चरम पर पहुंच गया है। चीन ने शुक्रवार को 60 अरब डॉलर (4.11 लाख करोड़ रुपए) के अमेरिकी इंपोर्ट पर 5 से 25% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी दी। इसमें कॉफी, शहद, एल्कोहॉल, चमड़े के उत्पाद और औद्योगिक रसायन समेत 5,207 वस्तुएं शामिल होंगी। ट्रम्प प्रशासन ने बुधवार को चीन से होने वाले 200 अरब डॉलर (13.70 लाख करोड़ रुपए) के सालाना आयात पर टैरिफ 10% से बढ़ाकर 25% करने के संकेत दिए थे। चीन का कहना है कि अगर अमेरिका हितों का ध्यान नहीं रखेगा तो हमें भी ऐसे ही कदम उठाने होंगे। इधर भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी का फैसला डेढ़ महीने के लिए टाल दिया है।

चीन के स्टेट काउंसिल टैरिफ कमीशन ने कहा कि इंपोर्ट ड्यूटी के मुद्दे पर वॉशिंगटन के साथ कई दौर की बातचीत के बाद द्विपक्षीय सहमति बनी थी, लेकिन अमेरिका इसका उल्लंघन कर रहा है। पिछले महीने दोनों देशों ने एक-दूसरे पर 34 अरब डॉलर (2.34 लाख करोड़ रुपए) के सामान पर 25% तक शुल्क लगाया था। इसके बाद अमेरिका ने ऐलान किया कि वह चीन से इंपोर्ट किए जाने वाले 200 बिलियन डॉलर (13.77 लाख करोड़ रुपए) मूल्य के उत्पादों पर 10% इंपोर्ट ड्यूटी लगाएगा।

भारत ने अमेरिकी इंपोर्ट पर शुल्क लगाने का समय बढ़ाया : भारत ने 29 अमेरिकी उत्पादों पर बढ़ा हुआ आयात शुल्क लागू करने का फैसला 45 दिन के लिए टाल दिया है। नए टैरिफ रेट शनिवार से लागू होने थे लेकिन अब 18 सितंबर से होंगे। वित्त मंत्रालय की ओर से इसका नोटिफिकेशन जारी किया गया है। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। इस वजह से नए टैरिफ लागू करने का समय बढ़ाया गया है। मार्च में अमेरिका ने भारत से एल्युमिनियम और स्टील इंपोर्ट पर शुल्क लगाया था। इसके जवाब में भारत ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर 120% तक इंपोर्ट ड्यूटी लगाने का ऐलान किया था।

अमेरिका का इंपोर्ट चीन से 4 गुना ज्यादा : 2017 में अमेरिका ने चीन से कुल 505 अरब डॉलर (35 लाख करोड़ रुपए) का माल इंपोर्ट किया। चीन का इंपोर्ट सिर्फ 129.9 अरब डॉलर (9 लाख करोड़ रुपए) रहा। यही वजह है कि इस बार चीन ने बराबर मूल्य के इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने की बजाय सिर्फ 60 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगाने की चेतावनी दी है।
चीन से वार्ता के लिए अमेरिका तैयार : न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका ने कहा है कि वह टैरिफ विवाद का समाधान चाहता है और चीन से बातचीत करने के लिए तैयार है।अमेरिका का कहना है कि चीन अमेरिकी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाए और टेक्नोलॉजी चुराना बंद करे। अमेरिकी राष्ट्रपति चीन पर बौद्धि‍क संपदा की चोरी करने और व्‍यापार घाटा बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं।

टैरिफ वॉर से चीन को नुकसान : चीन को पीछे छोड़ जापान दुनिया का दूसरा सबड़े बड़ा शेयर बाजार बन गया है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन के शेयर बाजार का मार्केट कैप घटकर 6.09 ट्रिलियन डॉलर रह गया। जापान के स्टॉक मार्केट का वैल्यूएशन 6.17 ट्रिलियन डॉलर है। एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका से इंपोर्ट ड्यूटी विवाद की वजह से चीन के शेयर बाजार और वहां की मुद्रा युआन में इस साल गिरावट बढ़ी है। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 2018 में अब तक 17% गिर चुका है।

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