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भारत के बॉर्डर पर सोने की खुदाई कर रहा चीन, अरुणाचल पर कंट्रोल की कोशिश- रिपोर्ट्स

3 वर्ष पहले
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बीजिंग. चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे को अभी एक महीने भी नहीं गुजरे हैं और चीन ने अपने चालबाजी दिखानी शुरू कर दी है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे अपने क्षेत्र में चीन ने बड़े पैमाने पर माइनिंग का काम शुरू कर दिया है। हांगकांग बेस्ड साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक चीन को यहां पर 4086 अरब रुपए की कीमत के सोने, चांदी और अन्य कीमती मिनरल होने की पता चला है। ये इलाका भारत की सीमा से बिल्कुल सटा हुआ है। चीन पहले से अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से पर अपना दावा करता रहा है। 

 

साउथ चाइना सी जैसे विवाद का डर
- साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की खबर के मुताबिक, ये माइनिंग प्रोजेक्ट भारत की सीमा से लगे चीनी क्षेत्र में पड़ने वाले लहुंजे काउंटी में चलाया जा रहा है। 
- रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि खनन करने के पीछे उसकी मंशा साउथ तिब्बत से जुड़े अरुणाचल प्रदेश के हिस्से पर कब्जा करना है। 
- प्राकृतिक संसाधनों को हासिल करने का दावा कर चीन क्षेत्र में तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सकता है। इससे साउथ चाइना सी जैसा एक और विवाद पैदा हो सकता है। साउथ चाइना सी के नीचे भी तेल और गैस के बड़े भंडार हैं।
- हांगकांग के अखबार ने लोकल अफसरों, चाइनीज जियोलॉजिस्ट्स और स्ट्रैटिजिक एक्सपर्ट्स से मिली जानकारी के आधार पर ये दावा पेश किया है। 
- चीन जिस इलाके में खनन का काम कर रहा है, वो दुनिया के सबसे ऊंचे इलाकों में से एक है। वहां पहुंचना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा वहां टिके रहना मुश्किल है। 
- हालांकि, चीन की सरकार ने यहां रोड और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काफी बड़े इन्वेस्टमेंट किए हैं, जिसके चलते इस एरिया में आवाजाही आसान हो गई है। 

 

मोदी के चीन दौरे के एक महीने बाद ही ये हालात
- अरुणाचल की सीमा पर ये हालात तब बने हैं, जब एक महीने पहले ही प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच इन्फॉर्मल समिट हुई है। 
- इस मुलाकात का मकसद ही डोकलाम जैसे मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमति दिखी थी। दोनों देश तनाव को कम करने पर राजी हुए थे
- बीते साल डोकलाम में करीब 73 दिन तक दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने थीं। अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों ने अपनी सेनाएं पीछे हटा लीं.
- पिछले साल जून में जब इंडियन सेना ने डोकलाम में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोका तो ये विवाद शुरू हुआ। हालांकि, चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।

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