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अरुणाचल सीमा पर चीन की सोने की खान भारत के साथ एक और विवाद का कारण हो सकता हैः रिपोर्ट

3 वर्ष पहले
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बीजिंग. चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर फिर ऐसी हरकत की है, जिससे नई दिल्ली और बीजिंग के रिश्ते तल्ख हो सकते हैं। उसने अरुणाचल से लगती सीमा पर अपने क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खनन कार्य शुरू किया है। इस इलाके में सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं का विशाल भंडार मिला है। इसकी कीमत करीब 60 अरब डॉलर (करीब 4 लाख करोड़ रुपये) आंकी गई है। हांगकांग के साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। बता दें कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा होने का दावा करता है। 

 

खनन के पीछे दक्षिणी तिब्बत पर फिर से कब्जा करने की मंशा
- रिपोर्ट के अनुसार, खनन परियोजना से जुड़े लोगों का कहना है कि खनन करने के पीछे उसकी मंशा दक्षिणी तिब्बत पर फिर से कब्जा करना है। बीजिंग इसी बहाने अपनी महत्वाकांक्षी योजना को पूरा करना चाहता है।
- प्राकृतिक संसाधनों को हासिल करने का दावा कर चीन क्षेत्र में तेजी से बुनियादी ढांचे का निर्माण कर सकता है। इससे दक्षिण चीन सागर जैसा एक और विवाद पैदा हो सकता है।

 

पिछले महीने ही मोदी ने किया था चीन का दौरा

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने के अंत में चीन का चौथी बार दौरा किया था। भारत-चीन के बीच तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर तब मोदी के दौरे को काफी अहम बताया गया था। 
- सूत्रों का कहना था कि डोकलाम विवाद की पृष्ठभूमि में यह मुलाकात दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली में अहम कदम होगी। भले ही कोई समझौता या संयुक्त बयान नहीं होगा, लेकिन यह दिलों को जोड़ने वाली अनौपचारिक बैठक साबित होगी।

 

दो महीने से ज्यादा चला था डोकलाम विवाद
- डोकलाम में विवाद 16 जून 2017 को शुरू हुआ था और 28 अगस्त तक चला। अगस्त में यह टकराव खत्म हुआ और दोनों देशों में सेनाएं वापस बुलाने पर सहमति बनी।
- जून में इंडियन ट्रूप्स ने डोकलाम में चीन के सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। हालांकि, चीन का दावा था कि वह अपने इलाके में सड़क बना रहा था।
- इस एरिया का भारत में नाम डोका ला है जबकि भूटान में इसे डोकलाम कहा जाता है। चीन दावा करता है कि ये उसके डोंगलांग रीजन का हिस्सा है। भारत-चीन का जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक 3488 km लंबा बॉर्डर है। इसका 220 km हिस्सा सिक्किम में आता है।

 

 

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