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इंटरनेट की दुनिया में बड़ा बदलाव, अब बिना पासवर्ड होगा login, डाटा रहेगा सेफ

फेसबुक पर डाटा चोरी के बाद दो वेब ब्राउजर क्रोम और फायरफॉक्‍स जल्‍दी ही परमानेंट सॉल्‍यूशन लेकर सामने आ रहे हैं।

Danik Bhaskar | Apr 12, 2018, 03:31 PM IST

यूटिलिटी डेस्क। इंटरनेट ब्राउजर के द्वारा कंप्‍यूटर सिस्‍टम में घुसकर तमाम फिशिंग साइट्स यूजर्स का पर्सनल और बैकिंग डेटा चुराने का काम करती हैं। इसके लिए कई बार फेक ईमेल का इस्‍तेमाल किया जाता है। फेसबुक पर डाटा चोरी के बाद से दुनिया में सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल होने वाले दो वेब ब्राउजर क्रोम और फायरफॉक्‍स जल्‍दी ही इसका परमानेंट सॉल्‍यूशन लेकर आ रहे हैं।

कैसा होगा सिस्टम

दरअसल ये एक पासवर्ड फ्री लॉगइन सिस्‍टम लेकर आ रहे हैं, जिसमें एक सेफ टोकन प्रोसेस से लॉगइन किया जा सकेगा। कई सालों के प्रयास के बाद अब इस बात पर सहमति बन पाई है कि इंटरनेट यूजर्स को अपने अकाउंट में लॉगइन के लिए आईडी पासवर्ड नहीं बल्कि यूएसबी टोकन या बायोमेट्रिक इंप्रेशन जैसा सबसे सेफ लॉगइन ऑप्‍शन दिया जाए। बता दें कि दुनिया की दो बड़ी टेक कंपनियां गूगल और फेसबुक इंटर्नल लेवल पर पहले ही इस तकनीक का इस्‍तेमाल कर चुकी हैं। इसके अंतर्गत अकाउंट लॉगइन के लिए Yubikey token का इस्‍तेमाल किया जाता है।

इस तरीके से ऑनलाइन यूजर्स को फिशिंग साइट्स और ईमेल से छुटकारा मिल सकता है। यह घोषणा W3C और FIDO Alliance standards bodies द्वारा की गई है। W3C World Wide Web Consortium, यानि जो संस्‍था पूरी दुनिया में (WWW) वर्ल्‍ड वाइड वेब डोमेन एड्रेस सिस्‍टम को चलाती है।

पूरी दुनिया में लागू होगा ये सिस्टम

WebAuthn पिछले दो साल से इस प्रोजेक्‍ट पर W3C का अप्रूवल लेने की कोशिश में है। WebAuthn इंटरनेट सिस्‍टम के विकास और सुधार के लिए तमाम नए आ‍यडिया और प्रोजेक्‍ट बनाती रहती है। इस बार की घोषणा से यह साफ हो गया है कि अबकी बार इंटरनेट पर लॉगइन करने का पूरा सिस्‍टम बदलने की तैयारी पूरी हो चुकी है और जल्‍दी पूरी दुनिया में इस नई तकनीक को लागू करने की प्रक्रिया शुरु हो सकती है।

आगे की स्लाइड्स पर जानिए इस सिस्टम से क्या फायदा होगा...

>इंटरनेट या पर्सनल डेटा अकाउंट लॉगइन करने का यह सिस्‍टम पूरी दुनिया में पहली बार इस्‍तेमाल नहीं हो रहा है।

>फेसबुक और गूगल जैसी कंपनियां इसका इस्‍तेमाल कर चुकी हैं।

>ब्राउजर्स पर इस लॉगइन सिस्‍टम को लागू करने के लिए FIDO standard फॉलो किया जाएगा।जिसके अंतर्गत लॉगइन के लिए कोई भी फिक्‍स कैरेक्‍टर्स नहीं होते।

>तभी तो यह पूरी तरह सेफ है और इसके लॉगइन डेटा को हैक करना या चुराना किसी के लिए भी आसान नहीं है।

>ऐसा करने से हमारा डाटा सेफ और फिशिंग फ्री होगा।