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डाउनलोड करेंअमरीकी सीनेट की रिपोर्ट में 9/11 के हमलों के बाद सीआईए के पूछताछ के तरीकों में बर्बर बर्ताव के इस्तेमाल की बात आई है.
इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद मानवाधिकार संगठन दोषी अधिकारियों को सज़ा दिए जाने की मांग कर रहे हैं.
रिपोर्ट में सीआईए के उन ख़तरनाक तौर तरीक़ों का ज़िक्र किया गया है, जो कैदियों पर इस्तेमाल हुए.
रिपोर्ट की मुख्य बातें संदिग्ध अल-क़ायदा क़ैदियों की सीआईए पूछताछ \'बर्बर\' थी. सीआईए ने इस बारे में राजनीतिज्ञों और जनता को गुमराह किया. पूछताछ कार्यक्रम के दौरान 119 में से 26 क़ैदियों को ग़लत तरीके से बंदी बनाया गया. कई क़ैदियों को ज़रूरत से अधिक, महीनों तक हिरासत में रखा गया.अमरीकी सीनेट ने सीआईए पर तैयार की है 6,000 पृष्ठों की रिपोर्ट.
कई क़ैदियों को 180 घंटे तक कठिन परिस्थितियों में सोने नहीं दिया गया. सउदी अल-क़ायदा संदिग्ध अबू ज़ुबैदा को ताबूत नुमा बक्से में 226 घंटे तक बंद कर रखा गया. कैदियों को पानी में डुबाने, उनके नाक और मुंह में पानी भरने जैसे ख़तरनाक़ तरीके इस्तेमाल किए गए. नाक-मुंह में पानी डालने जैसे तरीके का अबू जुबैदा पर 83 बार और 9/11 हमले की कथित साजिश रचने वाले खालिद शेख मोहम्मद पर 183 बार इस्तेमाल किया गया. क़ैदियों को ऐसे देशों के अमरीकी बंदी गृहों में रखा गया जहां उन्हें कोई क़ानूनी सुरक्षा नहीं थी और न ही अमरीकी क़ानूनों के अनुसार मानवाधिकार हासिल थे. सीआईए ने लगातार न्याय विभाग को ग़लत जानकारियां मुहैया कराईं.(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
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