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विकास ढूंढने वाले जशपुर आएं, यहां अमेठी से भी ज्यादा काम हुआ है: रमन

3 वर्ष पहले
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जशपुर/कांसाबेल.   मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह शनिवार को विकास यात्रा लेकर जशपुर जिले के कांसाबेल पहुंचे। यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जो लोग विकास ढूंढ़ रहे हैं उन्हें जशपुर आना चाहिए, उनके संसदीय क्षेत्र अमेठी से ज्यादा विकास यहां हुआ है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों हुए जिले में हुए पत्थलगड़ी आंदोलन पर कहा कि, जशपुर विकासगड़ी है, क्योंकि विकास सबको गले लगाता है, हमें इसे और मजबूत करना है। डा. रमन ने 133 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि पूजन किया। 


कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री को आदिवासी महिला रायमुनि तिर्की ने ई-रिक्शा में बिठाकर मंच तक पहुंचाया, छात्राओं ने कराते का भी प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि उज्ज्वला योजना का लाभ सबसे ज्यादा जशपुर में मिला है, आने वाले समय में छूटे हुए लोगों को भी मिलेगा। आने वाले समय में हर घर में बिजली लगाकर देंगे कोई घर अंधेरे में नहीं रहेगा। सीएम ने कहा कि, जशपुर की जनता ने बीजेपी के तीन विधायक चुने हैं, जिसकी वजह से वो मुख्यमंत्री बने हैं। सीएम ने कहा कि, उन्होंने 15 साल काम किया है, आज जनता से आशीर्वाद मांगने आए हैं। जो विकास 15 सालों में नहीं हो सके उन्हें अगले पांच सालों में पूरा करेंगे।

दसवीं हो या जेईई, जशपुर के बच्चे टॉप पर 

सीएम रमन सिंह ने कहा कि, जशपुर में रेशम उद्योग बढ़ रहा है। 6 हजार से ज्यादा महिलाएं ककून खरीदकर कोसा निकाल रही हैं। महिला स्व सहायता समूह से जुड़कर हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर हुई हैं। उन्होंने कौशल विकास के जरिये यहां के युवाओं ने महानगरों में काम करके प्रदेश का मान बढ़ाया है। संस्थागत प्रसव में जशपुर अव्वल है।  जेईई की परीक्षा हो या दसवीं के रिजल्ट जशपुर के बच्चे टॉप कर रहे हैं।

 

 

बलरामपुर में 80 हजार परिवारों को छह माह के भीतर मिल जाएगी बिजली की सुविधा

मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने यहां कहा कि कांग्रेसियों को विकास देखना है तो बलरामपुर आकर देखें जहां पंचायत को जिला बना दिया गया। उन्होंने इलाके में एक सब स्टेशन के निर्माण सहित चार घोषणाएं की।  बलरामपुर से 20 किमी दूर जरहाडीह में दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह की पहली सभा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को  विकास देखना ही है तो बलरामपुर आकर देखें जहां हमने पंचायत को जिला बना दिया। कांग्रेस की सत्ता में 60 साल के दौरान कभी किसी भूखे को पेट भरने का काम किया। किसी बीमार का मुफ्त में इलाज हो पाया। हमने एक रुपए चावल से लेकर पचास हजार रुपए इलाज के लिए दिए। अब किसी गरीब परिवार का इससे समय पर इलाज हो पाएगा। उन्होंने कहा कि बलरामपुर जिले में बिजली से वंचित 80 हजार परिवारों को अगले छह महीने के भीतर इस सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है। 

 

 

बहुमत न मिलने पर इस्तीफा देना सम्मान की बात, ऐसा वाजपेयी के साथ भी हुआ था

कर्नाटक चुनाव के बाद सियासी हालात पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि भाजपा को 104 सीटें मिलने के बाद भरोसा था कि बहुमत मिलेगा। ऐसा नहीं होने पर इस्तीफा दे देना सम्मान की बात है। अटल बिहारी वाजपेयी को भी एक बार संसद में ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ा था। मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में भाजपा ने बगैर तोड़फोड़ के सरकार बनाने का प्रयास किया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया। कांग्रेस की सबसे बड़ी पराजय तो यही है कि वह लगातार पिछड़ रही है। एक नंबर पर रही पार्टी आज दूसरे और तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय पार्टी अब क्षेत्रीय दल के रूप में पहचान बनाती जा रही है। कांग्रेस आज देश में सिर्फ पांच फीसदी हिस्से में ही सिमटकर रह गई। अब उसे किसी क्षेत्रीय दल के साथ चिपककर अपना अस्तित्व बचाना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि उसकी मान्यता ही खत्म हो जाए। अब यहां भी वह गोंडवाना गणतंत्र जैसी पार्टी का साथ लेकर अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है।

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