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सीएम बोले-मेरे पास और 70 में से 61 विधायकों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं, सबको डिटेंशन सेंटर भेजोगे क्या

एक वर्ष पहले
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दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र में शुक्रवार को एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया। मंत्री गोपाल राय ने प्रस्ताव रखा जिसमें मंत्री राजेंद्र पाल गौतम, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पहली बार चुनकर आई आतिशी, राघव चड्‌ढा, दिलीप पांडेय के साथ अमानतुल्लाह खान, शोएब इकबाल ने सत्तापक्ष की तरफ से एनपीआर और एनआरसी के डर को सदन में रखा।वहीं नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी, मोहन सिंह बिष्ट, विजेंद्र गुप्ता ने प्रस्ताव के खिलाफ बात रखी और कहा कि इस प्रस्ताव की जरूरत नहीं। ये देश के किसी धर्म समुदाय की नागरिकता छीनने का कानून नहीं। ये घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाने का कानून है। सीएम ने कहा कि कि मेरे परिवार में दोनो बच्चों को छोड़ दें तो मेरे माता-पिता, प|ी और मेरे पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं। पूरी कैबिनेट व विस अध्यक्ष सहित 70 में से 61 विधायकों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। कैसे साबित करेंगे। कोई पाकिस्तानी होने का शपथपत्र देने को तैयार होगा क्या? मर जाएंगे, मिट जाएंगे लेकिन देश के साथ गद्दारी नहीं करेंगे। पूरी जिन्दगी डिटेंशन सेंटर में बिता देंगे लेकिन देश के साथ गद्दारी नहीं करेंगे।

इधर, हंगामे के दौरान भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता को सदन से किया बाहर


दिल्ली विधानसभा में एनपीआर और एनआरसी के विरुद्ध प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक विजेन्द्र गुप्ता के द्वारा दिल्ली हिंसा में आप नेता का नाम लिए जाने को लेकर विधानसभा में हंगामा मच गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो दंगे हुए जिसमें आप के निगम पार्षद का हाथ है इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। रामनिवास गोयल ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा कार्रवाई शुरू हुई तो एक बार फिर विजेंद्र गुप्ता से माफी मांगने की मांग उठी। गुप्ता द्वारा माफी न मांगने पर स्पीकर ने मार्शल बुलवाकर उन्हें सदन से बाहर करवा दिया।

देश के 11 राज्यों की विधानसभा एनआरसी-एनपीआर का कर चुकी हैं विरोध: सीएम

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में 40 लाख पूर्वांचली रहते हैं। यूपी व बिहार से आए लोग हैं। ये कागज कहां बनवाने जाएंगे। कौन सर्टिफिकेट बनाकर देगा। करीब आधा देश यानी 11 राज्यों की विधानसभा ने प्रस्ताव पास करके कह दिया कि एनपीआर और एनआरसी लागू नहीं होना चाहिए। इसमें एमपी, राजस्थान, वेस्ट बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलांगना, पंजाब, बिहार, पुुंडुचेरी भी शामिल है। जब देश में कोरोना गंभीर स्थिति में है, बेरोजगारी बढ़ी हुई है।सभी सरकारों को बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था की तरफ ध्यान देना चाहिए।

आप से नागरिकता साबित करने को कहा जाएगा, आपने कागज नहीं दिखाया तो डिटेंशन सेंटर जाएंगे

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 30 जून, 2019 को राष्ट्रपति ने जो संयुक्त वक्तव्य दिया था, उन्होंने कहा था कि एनआरसी लागू किया जाएगा। गृहमंत्री ने 10 दिसंबर 2019 को संसद में बयान दिया था-हम इस पर बिल्कुल साफ है कि एनआरसी तो इस देश में होकर रहेगा। जब राष्ट्रपति और गृहमंत्री ने कह दिया तो बचा क्या? अब ये कह रहे हैं कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी अलग-अलग है। ये आपके कहने से नहीं होगा। केजरीवाल ने कहा कि प्रक्रिया में कहा गया है कि केंद्र सरकार का कोई ना कोई अधिकारी आपके घर आकर कहेगा कि आप नागरिकता साबित करिए। अगर आप कागज दिखा दोगे तो चाहे आप किसी भी धर्म के हैं नागरिकता मिल जाएगी। लेकिन कागज नहीं दिखाओगे और हिंदू हो पाकिस्तानी होने का शपथ पत्र देने पर ही नागरिकता मिलेगी, नहीं तो डिटेंशन सेंटर में भेज दिए जाएंगे।

‘नागरिकता साबित करने को लेकर दहशत\\\'

दिल्ली विधानसभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि आजादी के बाद से किसी मुद्दे ने भारत के लोगों के उतना उत्तेजित नहीं किया, जितना एनआरसी के मुद्दे ने किया। लोगों के मन में मनमाने तरीके से हिरासत में रखे जाने और डिटेंसन केंद्रों में डाले जाने का डर है। भारत के 90% से अधिक लोगों के पास अपेक्षित दस्तावेज नहीं हैं और उनकी नागरिकता को साबित करने के लिए दस्तावेजों की मांग करने की यह पूरी कवायद लोगों के बीच व्यापक रूप से दहशत पैदा करेगी और एक बड़ी तादाद में लोग अपनी नागरिकता साबित करने में असमर्थ होंगे। भारत सरकार से आग्रह है कि एनपीआर और एनआरसी को वापस ले और इसकी कवायद को आगे न बढ़ाये। (फिर भी अगर भारत सरकार इसे लागू ही करना चाहती है तो NPR के पूरे अभ्यास को रोक कर, बिना किसी नए बिंदु को जोड़े सिर्फ 2010 के प्रारूप पर ही इसे लागू करे।)।

कब्रिस्तान में जाकर माता-पिता से पूछूंगा कि कब कहां पैदा हुए: शोएब इकबाल

एनपीआर और एनआरसी प्रस्ताव पर चर्चा में सत्तापक्ष के विधायक शोएब इकबाल ने कहा मेरे पिता की मृत्यु हुई तो मुझे नहीं पता था कि कितने साल के हैं। अब जन्म कब और कहां हुआ, ये क्या कब्रिस्तान में जाकर पूछकर बताऊंगा। अमानतुल्लाह खान ने कहा कि पुराने निगम में बदलाव किए बिना एनपीआर लागू नहीं होना चाहिए। आतिशी ने कहा-नोटबंदी की तरह अब कागज दिखाने की लाइन में लोगों को लगना पड़ेगा।

जब राष्ट्रपति और गृहमंत्री ने कह दिया एनआरसी होगा तो फिर क्या बचता है : सीएम केजरीवाल

{मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व दो मंत्रियों ने सदन में रखा एनपीआर और एनआरसी का डर, बोले- एनपीआर ही एनआरसी का आधार, केंद्र पुराना नियम बदले
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