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मामा पढ़ाई के मामले में जाति मत देखो, सीएम शिवराज ने कहा, बेटा बड़े दिलवाले बनो

3 वर्ष पहले
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भोपाल. कैरियर काउंसिलिंग कार्यक्रम 'हम छू लेंगे आसमां' में एक छात्र के सवाल पर सीएम शिवराज सिंह चौहान थोड़ा अचकचा गए। जब छात्र विक्की शर्मा ने पूछा, 'मामा पढ़ाई में जाति मत देखिए, इससे जनरल कैटेगरी के विद्यार्थियों का नुकसान हो रहा है, हमें योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा और न ही लैपटॉप मिल रहा है। इस पर सीएम ने कहा, वर्षों तक जो लोग पीछे रह गए, अगर उन्हें कुछ दिया जा रहा तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए। बेटे मेधावी विद्यार्थी योजना में फीस माफी और लैपटॉप देने की योजना हर विद्यार्थी के लिए है। थोड़ा विशाल और विराट हृदय रखो और बड़ा सोचो। टीटी नगर के मॉडल स्कूल में रविवार को मुख्यमंत्री मेधावी छात्रों से मुखातिब थे। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 फीसदी अंक हासिल करने वाले छात्र कार्यक्रम में शामिल हुए।  

- कई विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से सवाल किया और सीएम ने सभी सवालों के एक-एक करके जवाब दिए। इसके पहले छात्रों को सीएम ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, जब मेरे लिए सबसे प्रसन्नता का दिन वह होता है, जब मैं अपने भांजे-भाँजियों के बीच होता हूं, आज वही दिन है। बेटियां मेरे दिल के सबसे ज्यादा करीब हैं, बेटियों के चरण धो कर जब मैं उस जल को अपने माथे से लगता हूँ तो एक अद्भुत ऊर्जा का संचार अपने अंदर होते हुए महसूस करता हूं। 

 

पापा नहीं हैं, भाई-बहनों की पढ़ाई में परेशानी... ये कहते रोने लगी छात्रा, सीएम ने मदद के लिए अफसरों को निर्देश दिए 
कार्यक्रम में छात्रा अदिति ठाकुर सीएम से बोलते-बोलते भावुक हो गई। अदिति ने बताया कि उसके पापा नहीं रहे। वे चार भाई-बहन हैं। पैसे की वजह से उनका एडमिशन नहीं हो पा रहा। इस पर सीएम ने कहा कि वे उससे प्रिंसिपल के कक्ष में मिलेंगे। इसके बाद सीएम ने अदिति की मदद के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। 
 

छात्रों के इन सवालों पर सीएम ने दिए जवाब

सवाल- भिंड के रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि जेएनयू या डीयू में दाखिला होता है तो क्या फीस सरकार भरेगी?  
चौहान :
ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 6 लाख रुपये तक है। उनके बच्चों की फीस सरकार द्वारा भरवाई जाती है। उनका प्रवेश जेएनयू या डीयू कहींं भी हो। 

 

सवाल- ललित पटेल ने पूछा कि घर से कॉलेज की दूरी बहुत है। क्या करें ?  

चौहान - गांव से शहर पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों के लिये निश्चित सीमा तक परिवहन व्यय की व्यवस्था है। छात्रों को पढ़ने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। 

 

सवाल - गुंजन सिंह पटेल ने पूछा कि राजनीति में कॅरियर बनाने के लिए क्या करना होगा?  
चौहान -
राजनीित में अच्छे लोगों को आना चाहिए। दो तरह के लोग राजनीित में आते हैं। एक वे होते हैं जो येन-केन-प्रकरेण कुछ भी हासिल करना चाहते हैं। लेकिन, सफल वे होते हैं जो दूसरों का दर्द समझते हैं। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मुख्यमंत्री बनूंगा। यह रास्ता बाहर से देखने में बहुत अच्छा है अंदर से बहुत आरोप प्रत्यारोप झेलना पड़ते हैं। बहुत कुछ सहना पड़ता है। उन्होंने कहा बेटी जब मैं सामान्य परिवार का व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता हूं तो तुम भी बन सकती हो। नरेंद्र मोदी भी साधारण परिवार से हैं और प्रधानमंत्री हैं। 

 

सवाल - अंकिता गुप्ता ने बताया कि असफलता के डर से कैसे लड़ें। जब आपने पहली बार चुनाव लड़ा तो क्या आपके मन में भय था? फिर आपने कैसे खुद को मजबूत बनाया। 
जवाब -
कभी परिणाम की चिंता न करें, केवल कर्म पर फोकस करें। मैं लड़ा तो जीतने के लिए लड़ा। मुझमें विश्वास था। खुद में विश्वास पैदा करो, खूब मेहनत करो। 

 

सवाल - अंकिता यादव ने बताया कि संस्थान और काेर्स में से किसे प्राथमिकता दें?
चौहान -
रुचि के मुताबिक काेर्स को प्राथमिकता दें। यह भी देखें कि संस्थान स्तरहीन न हो। 

 

स्टूडेंट्स को फोन पर ही दिए फंडे 
सीएम ने लाइव फोन इन कार्यक्रम में प्रदेश भर के छात्राें से भी चर्चा की। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया, स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह, रोजगार बोर्ड के अध्यक्ष हेमंत देशमुख, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा बीआर नायडू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक वर्णवाल यहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। 

 

जिसमें रुचि उसमें बनाएं कॅरियर, माता-पिता भी बच्चों पर न डालें दबाव : सीएम 
चौहान ने कहा कि अभिभावक बच्चों पर दबाव नहीं डालें। उनकी रुचि के मुताबिक कॅरियर को चुनने में उनकी मदद करें। अर्थहीन शिक्षा का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी लक्ष्य असभंव नहीं है। जैसा व्यक्ति सोचता है वैसा बनता है।इस मौके पर उन्होंने मायएमपी रोजगार पोर्टल भी शुरू किया। 

 

मेधावी योजना से मिल रहा लाभ 
- मुझे खुशी है कि पिछले वर्ष हमने प्रदेश के होनहार बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए मेधावी विद्यार्थी योजना शुरू की थी। आज विभिन्न शासकीय और प्राइवेट कॉलेजों में अनेकों विद्यार्थी इस योजना का लाभ ले कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना से फीस की व्यवस्था हमने कर दी। अब कॅरियर तय करने की दिशा में हम बच्चों की मदद "हम छू लेंगे आसमां" योजना के तहत कर रहे हैं। हमें कॅरियर की राह चुनते समय अपनी क्षमता और रुचि का ध्यान रखना चाहिए, जिससे हम पूरे मनोयोग से पढ़ें और आगे बढ़ें। 

सीएम शिवराज ने दिया सफलता का मंत्र 

-ज़्यादातर बच्चे केवल आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं। जबकि कई युवाओं ने छोटी-सी शुरूआत करके भी लाखों, करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी, बड़े उद्यमी बन गये। 
-जिसे कविता लिखने में मज़ा आये, जिसे संगीत तैयार करने में आनंद आये, उसे आप एग्रीकल्चर पढ़ाएं, तो क्या वह सफल हो पायेगा। कॅरियर चुनते समय अपनी रुचि का ध्यान रखें। अपनी रुचि का ही विषय पढ़ें। 
-करियर का चुनाव कर लेना मतलब अपने लिए लक्ष्य निर्धारित कर लेना। अनेकों दिशाएं हैं जिन्हें आप चुन सकते हैं, लेकिन लक्ष्य निर्धारित कर उसे प्राप्त करने की एक ललक, एक तड़प भी आपके अंदर होनी चाहिए। 
-असंभव कुछ नहीं है, आपके अंदर असीम ऊर्जा का भंडार है। यदि आपके अंदर दृढ़ इच्छा शक्ति है तो आप कठिन से कठिन लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते हैं। 
-मैं चाहता हूँ कि प्रदेश का हर बच्चा सफल हो, तुम्हारे चेहरे पर हमेशा मुस्कान हो, यही मेरी कामना है मेरे बच्चों। तुम ही भविष्य निर्माता हो, तुम ही नए मध्यप्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करोगे। 

प्रदेश में बनाए गए हैं कैरियर काउंसिलिंग केंद्र 
-प्रदेश के जिला स्तर के उत्कृष्ट विद्यालय और उच्च शिक्षा के जिला स्तरीय कॉलेज में कांउसिंलिंग केंद्र बनाए गए हैं। 'हम छू लेंगे आसमां' योजना का क्रियान्वयन स्कूल, तकनीकी और उच्च शिक्षा विभाग मिलकर कर रहे हैं। विद्यार्थी फोन नम्बर 0755-2770020 पर फोन कर सवाल कर सकते हैं। 
-10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए शुरू की "हम छू लेंगे आसमां" योजना, जिसमें कॅरियर और अकेडमिक संबंधी सलाह काउंसिलिंग एक्सपर्ट से ली जा सकती है। 
-मुख्यमंत्री ने भोपाल में आयोजित कॅरियर काउंसलिंग कार्यक्रम 'हम छू लेंगे आसमां' में रोजगार संबंधित पोर्टल http://www.mprozgar.gov.in  का लोकार्पण किया।

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