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पेट्रोल पंपों पर सीएनजी मशीन इंस्टॉल, लाइन बिछाने वाली फाइल नगर निगम में अटकी
}यहां- यहां हैं पेट्रोल पंप...
चंडीगढ़ की तर्ज पर पंचकूला में सीएनजी पंप शुरू करने के लिए कई पेट्रोल पंपों पर मशीनें इंस्टाॅल कर दी गई हैं, लेकिन लाइन को शहर की सड़क के साथ बिछाने के लिए निगम अभी फाइल दबाए बैठा है। क्योंकि शहर का अंदरूनी एरिया एचएसवीपी से नगर निगम में ट्रांसफर हो चुका है। लिहाजा अब निगम से एनओसी मिलने के बाद ही शहर के पेट्रोल पंपों को कनेक्शन मिल पाएगा। जबकि लंबी जद्दोजहद के बाद कई पेट्रोल पंपों को प्रशासन से एनओसी
मिल चुकी है। निगम से एनओसी मिलने के बाद चंडीगढ़-कालका हाईवे के किनारे बिछाई गई सीएनजी लाइन से सेक्टर-6 के पास से पंचकूला को कनेक्शन मिल जाएगा। असल में एचएसवीपी की ओर से शहर के सभी सेक्टर्स का सर्वे किया गया है। जिसमें पेट्रोल पंपों की पूरी रिपोर्ट अडानी ग्रुप को दी गई है। शहर के 4 पेट्रोल पंपों को प्रशासन से एनओसी मिल चुकी है। जिसके बाद हेड ऑफिस से परमिशन मांगी गई है।
सीएनजी पाइप लाइन को लेकर अडानी ग्रुप की ओर से सभी पेट्रोल पंप की लोकेशन और स्टेटस के बारे में पूछा गया था। जिसकी रिपोर्ट एचएसवीपी ने दे दी है। पंचकूला में अभी तक सीएनजी पंप नहीं है। कुछ पेट्रोल पंपों ने कई बार अप्लाई किया, लेकिन पाइप लाइन की क्लीयरेंस न मिलने से काम सिरे नहीं चढ़ा। अब शहर में इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। उम्मीद है इस साल शहर के लोगों को ये सुविधा मिल जाएगी। एचएसवीपी की अर्बन इस्टेट ब्रांच में अडानी ग्रुप की ओर से लेटर आया था। जिसके बाद शहर में सर्वे कर रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि हाईवे या शहर के एरिया में कहां-कहां कितनी साइट खाली हैंं। बाहरी सड़कों या सेक्टरों में अलॉट किए गए पंपों की लोकेशन क्या है। उनके पास स्पेस क्या है।
इसलिए अटकी है फाइल
अडानी ग्रुप ने शहर में सीएनजी पंप कनेक्शन देने और उसके साथ पाइप लाइन बिछाने की परमिशन एचएसवीपी से मांगी थी। जिसके बाद कई महीने तक फाइल अटकी रही। एचएसवीपी ने बताया कि चंडीगढ़ से आ रही लाइन सिर्फ चंडीगढ़-कालका हाईवे पर उसके दायरे में है। जिसके बाद पंचकूला नगर निगम के पास अप्लाई किया गया। जिसके बाद निगम ने सरकार को लेटर लिखकर जवाब। क्योंकि इस बारे में यूएलबी की ओर से कोई पॉलिसी तय नहीं की गई थी। ऐसे में कई महीने तक फाइल अटकी रही। कुछ महीने पहले ही सरकार की ओर से इस बारे में पॉलिसी क्लियर की गई है। जिसके बाद दोबारा से अप्लाई किया गया। शहर के 4 पेट्रोल पंपों की ओर से पंचकूला जिला प्रशासन को सीएनजी पंप लगवाने के लिए एनओसी मांगी गई। ओल्ड पंचकूला के पेट्रोल पंप को एनओसी जारी कर दी गई है। इसके अलावा सेक्टर 16, 14, 19 इंडस्ट्रियल एरिया के पेट्रोल पंपों को परमिशन तो मिल चुकी है। लेकिन हेड ऑफिस में फाइल भेजी गई है। चंडीगढ़-कालका हाईवे पर एमडीसी में बने पेट्रोल पंप पर मशीन लगा
दी गई है। इसके अलावा इंडस्ट्रियल एरिया के पेट्रोल पंप में भी मशीन लग गई है।
शहर में कुल 21 पेट्रोल पंप हैं। ये सभी सेक्टर 1, 2, 3, 4, 5, 8, 14, 16, 20, 25, 26, 27, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2, एमडीसी सेक्टर-3, 5 में हैं।
}यहां साइट अलॉट नहीं हुई
सेक्टर 6, 7, 9, 10, 11, 12, 12ए, 15, 17, 18, 19, 21, 23, 24, 28, एमडीसी सेक्टर-1, 2, 4 और 6 में पेट्रोल पंप अभी तक अलॉट नहीं किया गया।
}यहां से मिलना है कनेक्शन... चंडीगढ़-कालका हाईवे से लाइन बद्दी जा रही है। इससे पंचकूला को कनेक्शन सेक्टर-6 के पास दिया जाना है। इसके लिए पहले पंचकूला से आगे की लाइन को क्लियर करना होगा। उसके बाद ही इसे पंचर किया जा सकता है। कंपनी के अधिकारी ने बताया कि एनओसी के बाद पहले शहर में लाइन डाली जाएगी। उसके बाद गेट बनाकर कनेक्शन दिया जाएगा।
}ये होगा फायदा... पंचकूला में अभी तक सीएनजी पेट्रोल पंप नहीं है। इन पंप के शुरू होने से गाड़ियां सीएनजी पर चलेंगी। शहर में सबसे ज्यादा प्रदूषण ऑटो करते हैं। ऐसे में सीएनजी ऑटो आने के बाद इन्हें बंद किया जा सकेगा। जिससे प्रदूषण कम होगा। इसके अलावा गाड़ियां भी सीएनजी होंगी।
पिछले कमिश्नर के समय में अप्लाई किया गया था। जिसके बाद फाइल पॉलिसी के लिए सरकार के पास भेजी गई। वहां से जवाब आ गया है। अब इस बारे में सर्वे किया जा रहा है। हम खुद चाहते हैं कि शहर में ये सुविधा आए। इसके लिए सर्वे करवा रिपोर्ट दी जाएगी।
-सुमेधा कटारिया, नगर निगम कमिश्नर
लेकिन पाइप लाइन की क्लीयरेंस न मिलने से काम सिरे नहीं चढ़ा। अब शहर में इसके लिए सर्वे किया जा रहा है। उम्मीद है इस साल शहर के लोगों को ये सुविधा मिल जाएगी। एचएसवीपी की अर्बन इस्टेट ब्रांच में अडानी ग्रुप की ओर से लेटर आया था। जिसके बाद शहर में सर्वे कर रिपोर्ट दी गई। रिपोर्ट में बताया गया कि हाईवे या शहर के एरिया में कहां-कहां कितनी साइट खाली हैंं। बाहरी सड़कों या सेक्टरों में अलॉट किए गए पंपों की लोकेशन क्या है। उनके पास स्पेस क्या है।