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डाउनलोड करेंपटना. श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा बाल यौन उत्पीड़न रोकने के लिए आम लोगों को आगे आना होगा। केंद्र सरकार ने बाल यौन उत्पीड़न रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है। दोषियों को फांसी देने तक का प्रावधान किया गया है। मंगलवार को वर्ल्ड विजन इंडिया की 2021 तक बाल यौन उत्पीड़न समाप्त करने के अभियान शुरू करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बाल यौन उत्पीड़न ही नहीं बल्कि बाल श्रम रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। श्रम संसाधन विभाग श्रम रोकने के लिए छापेमारी सहित कई अभियान लगातार चला रहा है। बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों के परिवार को 25 हजार रुपए की राशि दी जाती है।
बाल संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष निशा झा ने कहा कि समाज के हर वर्ग की जिम्मेदारी है कि बाल यौन उत्पीड़न के खिलाफ अभियान में शामिल हो। बच्चों, महिलाओं के प्रति नजरिया बदलना होगा। सत्यप्रकाश पमाणिक ने कहा कि बच्चों के खिलाफ हिंसा बुनियादी मानवीय एवं बाल अधिकारों को उल्लंघन है। बाल यौन शोषण से उनके जीवन, स्वास्थ्य और शिक्षा पर असर पड़ता है। इस अभियान के माध्यम से 200 जिलों और 7000 शहरी, अर्ध शहरी एवं ग्रामीण समुदायों में बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना है।
इस अभियान के लिए पुलिस, शिक्षक, डॉक्टर, ऑक्जिलरी नर्सों, दाई, वकीलों को ऐसे मामलों में बच्चों और उनके परिवार के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने व मामलों में हस्तक्षेप करने के लिए प्रशिक्षण दिया जा सके। कार्यक्रम को एससी आयोग के पूर्व अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने भी बच्चों को किसी भी तरह के उत्पीड़न से बचाने की वकालत की। कहा कि गरीब, पिछड़े और दलित समुदाय में अभियान को लेकिर अधिक जागरूक करना चाहिए। खाद्य सुरक्षा आयोग के सदस्य नंद किशोर कुशवाहा, आलोक राज, अर्सुदुर रहमान व सुनील कुमार ने संबोधित किया।
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