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डाउनलोड करेंगोल्ड कोस्ट. कॉमनवेल्थ गेम्स में 11वें और आखिरी दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। इनमें चार मेडल बैडमिंटन के हैं। साइना नेहवाल ने गोल्ड, पीवी सिंधु, किदांबी श्रीकांत और सात्विक रंकीरेड्डी और चिराग चंद्रशेखर शेट्टी की जोड़ी ने सिल्वर मेडल अपने नाम किए। वुमेन्स सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में साइना ने वर्ल्ड रैकिंग में अपने से 9 पायदान ऊपर सिंधु को 21-18, 23-21 से हरा दिया। दोनों के बीच इंटरनेशनल टूर्नामेंट का यह चौथा फाइनल मुकाबला था। इनमें से तीन में साइना ने जीत दर्ज की। वहीं, किदांबी मेन्स सिंगल्स के फाइनल में मलेशिया के ली चोंग वेई से 19-21, 21-14, 21-14 से हार गए। मेन्स डबल्स में सात्विक और चिराग को इंग्लैंड के मार्क्स एलिस और क्रिस लैंग्रिज की जोड़ी ने 21-13, 21-16 से हराया।
वुमेन्स सिंगल्स: साइना ने 56 मिनट में सिंधु को हराया
- पहला सेट (22 मिनट): लंदन ओलिंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साइना ने सिंधु के खिलाफ अच्छी शुरुआत की। हालांकि सिंधु ने वापसी की और लगातार पांच अंक लिए। लेकिन साइना ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए 21-18 से सेट अपने नाम कर लिया।
- दूसरा सेट (34 मिनट): वर्ल्ड नंबर 3 सिंधु ने अच्छी शुरुआत की। एक समय स्कोर 16-14 से सिंधु के पक्ष में था, लेकन साइना ने फिर अनुभव का लाभ उठाते हुए शानदार वापसी की और स्कोर ड्यूस (20-20) कराया। बाद में 23-21 से सेट और मैच जीतने के साथ ही गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
- सिंधु को भले ही गोल्ड कोस्ट में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा हो, लेकिन वे 2014 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में मिले ब्रॉन्ज मेडल का रंग बदलने में जरूर कामयाब रहीं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में 3 गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बनीं साइना
- साइना कॉमनवेल्थ गेम्स में 3 गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं हैं। उन्होंने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में मिक्स्ड टीम इवेंट का गोल्ड और वुमेन्स सिंगल्स में गोल्ड जीता। साइना 2010 दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वुमेन्स सिंगल्स का गोल्ड अपने नाम कर चुकी हैं।
- भारत ने गोल्ड कोस्ट में बैडमिंटन में अब तक 4 मेडल जीते हैं। इनमें दो गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल हैं।
मेरा अगल टारगेट अगला ओलिंपिक मेडल जीतना और दोबारा वर्ल्ड नंबर वन बनना है : साइना
- जीत के बाद साइना ने कहा, 'यह जीत मेरे पिता, मेरी मां और देश को समर्पित है। असल में मेरा टारगेट अगला ओलिंपिक मेडल और फिर से वर्ल्ड नंबर 1 रैंकिंग हासिल करना है। चोट के कारण मैं रियो ओलिंपिक में नहीं जा पाई थी। उसके बाद आज यहां गोल्ड जीतना बहुत भावुक क्षण है। मैंने कोर्ट पर मूवमेंट फास्ट करने के लिए पिछले कुछ महीने में अपना वजन 5 किलो घटाया है।'
साइना-सिंधु हेड टू हेड
| साइना नेहवाल | पीवी सिंधु | |
| उम्र | 28 साल | 22 साल |
| रैंकिंग | 12 | 3 |
| सिंगल्स करियर | 478 मैच खेले- 340 जीते | 347 मैच खेले-242 जीते |
इंटरनेशनल टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबलों में साइना Vs सिंधु
| साल | टूर्नामेंट | विजेता |
| 2014 | इंडिया ग्रांड प्रिक्स गोल्ड | साइना नेहवाल |
| 2017 | योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन | पीवी सिंधु |
| 2018 | दाईहात्सू इंडोनेशिया मास्टर्स | साइना नेहवाल |
| 2018 | कॉमनवेल्थ गेम्स वुमेन्स सिंगल्स फाइनल | साइना नेहवाल |
मेन्स सिंगल्स: श्रीकांत गोल्ड से चूके, सिल्वर से करना पड़ा संतोष
- पहला सेट: वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत ने मलेशिया के ली चोंग वेई को 21-19 से हराया। यह सेट 23 मिनट तक चला।
- दूसरा सेट: ली चोंग ने 21 मिनट तक चले सेट में किदांबी को 21-14 से हराया।
- तीसरा सेट: ली चोंग ने किदांबी को 21-14 से हराया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह सेट 21 मिनट तक चला।
- वर्ल्ड नंबर 7 ली चोंग का कॉमनवेल्थ गेम्स में यह 7वां गोल्ड मेडल है।
सात्विक-चिराग ने हार कर भी बनाया रिकॉर्ड
- सात्विक रंकीरेड्डी और चिराग चंद्रशेखर रेड्डी ने मेन्स डबल्स में सिल्वर जीता। फाइनल में उन्हें इंग्लैंड के मार्क्स एलिस और क्रिस लैंग्रिज की जोड़ी ने 2-0 (21-13, 21-16) से हराया।
- सात्विक और चिराग भले ही हार गए हों, लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड बना दिया है। सात्विक-चिराग मेन्स डबल्स का फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई है।
पदक तालिका: टॉप 5 देश
| देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
| ऑस्ट्रेलिया | 80 | 59 | 59 | 198 |
| इंग्लैंड | 45 | 45 | 46 | 136 |
| भारत | 26 | 20 |
20 | 66 |
| कनाडा | 15 | 40 | 27 | 82 |
| न्यूजीलैंड | 14 | 16 | 15 | 45 |
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