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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स रविवार को समाप्त हो गए। पिछले ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के मुकाबले भारत का इस बार सफर उम्दा रहा। भारत ने गोल्ड कोस्ट में 69 पदक जीते। इन खेलों के दौरान 96 नए रिकॉर्ड बने। इनमें से 14 रिकॉर्ड भारतीयों ने बनाए। शूटिंग के 18 में से 7 और वेटलिफ्टिंग के 15 में से 7 रिकॉर्ड भारतीयों ने बनाए। अनीश भनवाला, मनु भाकर, मेहुली घोष, मणिका बत्रा और नीरज चोपड़ा के रूप में ऐसे चेहरे सामने आए, जिनसे भविष्य में भारत के लिए एशियाड और ओलिंपिक में भी मेडल जीतने की उम्मीद जगी है। अगले कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में बर्मिंघम में होंगे।
1) अनीश भनवाला
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: अनीश ने महज 15 साल की उम्र में मेन्स 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में गोल्ड जीता। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय बने।
ओलिंपिक के लिए उम्मीद क्यों: अनीश ने मनु भाकर का रिकॉर्ड तोड़ा। मनु ने इसी कॉमनवेल्थ गेम्स में 16 साल की उम्र में गोल्ड जीतने का रिकॉर्ड बनाया था। अनीश से पहले 1998 में अभिनव बिंद्रा 15 साल की उम्र में कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। कम उम्र और शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उनसे 2020 टोक्यो ओलिंपिक में भी पदक लाने की उम्मीदें बंध गईं हैं।
2) मनु भाकर
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: मनु भाकर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में वुमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता। उन्होंने 240.9 का स्कोर करके कॉमनवेल्थ गेम्स में रिकॉर्ड भी बनाया।
ओलिंपिक के लिए उम्मीद क्यों: गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले वे एक महीने में 6 अंतरराष्ट्रीय पदक अपने नाम कर चुकी थीं। मनु परफॉर्मेंस देखकर टोक्यो ओलिंपिक में उनके पदक जीतने की उम्मीद मजबूत हुई है।
3) मेहुली घोष
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: मेहुली का यह पहला कॉमनवेल्थ गेम्स था। उन्होंने पहली बार में न सिर्फ वुमेन्स 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर जीता, बल्कि फाइनल से पहले क्वालीफिकेशन में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया।
ओलिंपिक के लिए उम्मीद क्यों: अभी वे महज 17 साल की हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 2017 से ही भाग लेना शुरू किया। इस साल मार्च में मेक्सिको में हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में वह दो मेडल जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनी थीं। कम अनुभव के बावजूद उनका लगातार अच्छा प्रदर्शन करना और पदक जीतना टोक्यो ओलिंपिक में उन्हें मेडल टैली में जगह बनाने का दावेदार बनाता है।
4) मणिका बत्रा
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: मणिका ने टेबल टेनिस के वुमेन्स सिंगल्स और वुमेन्स टीम इवेंट में गोल्ड जीता। उन्होंने वुमेन्स डबल्स में सिल्वर और मिक्सड डबल्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता।
ओलिंपिक के लिए उम्मीद क्यों: मणिका गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली एथलीट हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी के लिए उन्होंने जर्मनी में प्रैक्टिस की। एशियाड और 2020 टोक्यो ओलिंपिक के लिए भी कोचेज को उनसे काफी उम्मीदें हैं।
5) नीरज चोपड़ा
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन: नीरज ने जेवलिन थ्रो में गोल्ड जीता। वे कॉमनवेल्थ गेम्स में एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय हैं।
ओलिंपिक के लिए उम्मीद क्यों: गोल्ड कोस्ट में 82.26 मीटर का थ्रो किया। उनका जूनियर वर्ल्ड चैम्पियनशिप में वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। अभी वे 20 साल के हैं, इसलिए 2020 टोक्यो ओलिंपिक तक उन्हें अपनी फॉर्म बरकरार रखने में कोई परेशानी नहीं होगी।
शूटर्स और वेटलिफ्टर्स ने बनाए 14 रिकॉर्ड
- गोल्ड कोस्ट गए एथलीट्स ने 96 नए रिकॉर्ड कायम किए। इनमें शूटिंग में 18 और वेटलिफ्टिंग में 15 नए रिकॉर्ड बने।
- नए रिकॉर्ड बनाने में भारतीय भी पीछे नहीं रहे। भारत के शूटरों और वेटलिफ्टिरों ने कुल 14 रिकॉर्ड बनाए।
| खिलाड़ी | खेल | इवेंट |
रिकॉर्ड |
| अनीश भनवाला | शूटिंग | मेन्स 25 मी. रैपिड फायर पिस्टल | 30 अंक |
| मनु भाकर | शूटिंग | वुमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल | 240.9 अंक |
| मेहुली घोष | शूटिंग | वुमेन्स 10 मी. एयर राइफल | 247.2 अंक |
| हिना सिद्धू | शूटिंग | वुमेन्स 25 मीटर पिस्टल | 38 अंक |
| तेजस्विनी सावंत | शूटिंग | वुमेन्स 50 मी. राइफल 3 पोजिशंस | 457.9 अंक |
| जीतू राय | शूटिंग | मेन्स 10 मीटर पिस्टल | 235.1 अंक |
| संजीव राजपूत | शूटिंग | मेन्स 50 मी. राइफल 3 पोजिशंस | 454.5 अंक |
| सिखोम मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग |
वुमेन्स 48 किग्रा (क्लीन एंड जर्क) | 110 किग्रा |
| सिखोम मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग | वुमेन्स 48 किग्रा (स्नैच) | 86 किग्रा |
| सिखोम मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग | वुमेन्स 48 किग्रा (टोटल) | 196 किग्रा |
| संजीता चानू | वेटलिफ्टिंग | वुमेन्स 53 किग्रा (स्नेच) | 84 किग्रा |
- सिखोम मीराबाई चानू ने वुमेन्स 48 किग्रा कैटेगरी के स्नैच, क्लीन एंड जर्क और टोटल में कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप का भी रिकॉर्ड बनाया। इस तरह भारत की ओर से गोल्ड कोस्ट में 14 नए रिकॉर्ड कायम किए गए।
36 भारतीयों ने पहले ही कॉमनवेल्थ में जीता पदक
- कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने के लिए भारत से 217 एथलीट्स गोल्ड कोस्ट गए थे। इनमें 37 एथलीट्स ऐसे रहे जिन्होंने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीता।
| क्रम | खिलाड़ी | उम्र | खेल | इवेंट | पदक |
| 1 | नीरज चोपड़ा | 20 | एथलेटिक्स | जेवलिन थ्रो | गोल्ड |
| 2 | नवजीत ढिल्लन | 23 | एथलेटिक्स | डिस्कस थ्रो | ब्रॉन्ज |
| 3 | एचएस प्रणय | 25 | बैडमिंटन |
मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| 4 | एस. रंकीरेड्डी | 17 | बैडमिंटन | मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| एस. रंकीरेड्डी | 17 | बैडमिंटन | मेन्स डबल्स | सिल्वर | |
| 5 | एन सिक्की रेड्डी | 24 | बैडमिंटन | मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| एन सिक्की रेड्डी | 24 | बैडमिंटन | वुमेन्स डबल्स | ब्रॉन्ज | |
| 6 | चिराग सी शेट्टी | 20 | बैडमिंटन | मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| 7 | रुथविका गड्डे | 21 | बैडमिंटन | मिक्स्ड टीम | गोल्ड |
| 8 | एमसी मैरीकॉम | 35 | बॉक्सिंग | वुमेन्स 45-48 किग्रा | गोल्ड |
| 9 | गौरव सोलंकी | 21 | बॉक्सिंग | मेन्स 52 किग्रा | गोल्ड |
| 10 | विकास कृष्ण | 26 | बॉक्सिंग | मेन्स 75 किग्रा | गोल्ड |
| 11 | सतीश कुमार | 28 | बॉक्सिंग | मेन्स +91 किग्रा | सिल्वर |
| 12 | अमित | 22 | बॉक्सिंग | मेन्स 46-49 किग्रा | सिल्वर |
| 13 | मनीष कौशिक | 22 | बॉक्सिंग | मेन्स 60 किग्रा | सिल्वर |
| 14 | हुसमानुद्दीन एम | 24 | बॉक्सिंग | मेन्स 56 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 15 | नमन तोमर | 19 | बॉक्सिंग | मेन्स 91 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 16 | अनीश भनवाला | 15 | शूटिंग | मेन्स25 मी रैपिड फायर पिस्टल | गोल्ड |
| 17 | मनु भाकर | 16 | शूटिंग | वुमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल | गोल्ड |
| 18 | मेहुली घोष | 17 | शूटिंग | वुमेन्स 10 मीटर एयर राइफल | सिल्वर |
| 19 | अंजुम मौदगिल | 24 | शूटिंग | वुमेन्स 50 मी राइफल 3 पोजि. | सिल्वर |
| 20 | ओम मिठरवाल | 22 | शूटिंग | मेन्स 50 मीटर पिस्टल | ब्राॅन्ज |
| ओम मिठरवाल | 22 | शूटिंग | मेन्स 10 मटीर एयर पिस्टल | ब्रॉन्ज | |
| 21 | सुतीर्था मुखर्जी | 22 | टेबलटेनिस | वुमेन्स टीम | गोल्ड |
| 22 | पूजा सहस्त्रबुद्धे | 26 | टेबलटेनिस | वुमेन्स टीम | गोल्ड |
| 23 | एस. गणशेखरन | 25 | टेबलटेनिस | मेन्स टीम |
गोल्ड |
| एस. गणशेखरन | 25 | टेबलटेनिस | मेन्स डबल्स | सिल्वर | |
| एस. गणशेखरन | 25 | टेबलटेनिस | मिक्सड डबल्स | ब्रॉन्ज | |
| 24 | सनिल एस शेट्टी | 28 | टेबलटेनिस | मेन्स टीम | गोल्ड |
| सनिल एस शेट्टी | 28 | टेबलटेनिस | मेन्स डबल्स | ब्रॉन्ज | |
| 25 | हरमीत देसाई | 24 | टेबलटेनिस | मेन्स टीम | गोल्ड |
| हरमीत देसाई | 24 | टेबलटेनिस | मेन्स डबल्स | ब्रॉन्ज | |
| 26 | वेंकट राहुल | 21 | वेटलिफ्टिंग | मेन्स 85 किग्रा | गोल्ड |
| 27 | गुरुराजा पुजारी | 25 | वेटलिफ्टिंग | मेन्स 56 किग्रा | सिल्वर |
| 28 | प्रदीप सिंह | 23 | वेटलिफ्टिंग | मेन्स 105 किग्रा | सिल्वर |
| 29 | दीपक लाठर | 18 | वेटलिफ्टिंग | मेन्स 69 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 30 | विकास ठाकुर | 24 | वेटलिफ्टिंग | मेन्स 94 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 31 | सुमित | 25 | रेसलिंग | मेन्स 125 किग्रा | गोल्ड |
| 32 | मौसम खत्री | 27 | रेसलिंग | मेन्स 97 किग्रा | सिल्वर |
| 33 | पूजा ढांडा | 24 | रेसलिंग | वुमेन्स 57 किग्रा | सिल्वर |
| 34 | सोमवीर | 26 | रेसलिंग | मेन्स 86 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 35 | दिव्या काकरन | 19 | रेसलिंग | वुमेन्स 69 किग्रा | ब्रॉन्ज |
| 36 | किरण | 26 | रेसलिंग | वुमेन्स 76 किग्रा | ब्रॉन्ज |
सीनियर्स मैरीकॉम, सुशील कुमार और सीमा पुनिया ने भी दिखाया दम
- गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में जहां कई युवा एथलीट्स ने भारत के लिए पदक जीते, वहीं कुछ सीनियर्स ने भी मेडल टैली में जगह बना साबित किया कि अभी वे चुके नहीं हैं।
- इनमें बॉक्सर एमसी मैरीकॉम (35 साल), रेसलर सुशील कुमार और डिस्कस थ्रोअर सीमा पुनिया का नाम शामिल है।
- 28 साल की शटलर साइना नेहवाल ने वुमेन्स सिंगल्स के फाइनल में पीवी सिंधु (22 साल) के खिलाफ जीत हासिल कर साबित किया कि वे बड़े मैचों की खिलाड़ी हैं।
- शूटर जीतू राय ने ग्लासगो के बाद गोल्डकोस्ट में गोल्ड जीतकर भविष्य में देश के लिए और भी पदक जीतने का संदेश दिया।
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