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डाउनलोड करेंचंडीगढ़. छत पर बैठे बंदर ने नीचे एक ईंट गिराई, जो 18 साल के अमरजीत हैरी को लगी थी। इससे अमरजीत की मौत हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने प्रशासन को कुल 13 लाख रुपए मुआवजा मृतक के परिवार को देने के निर्देश दिए हैं। 4 लाख रुपए मुआवजा मृतक के परिवार को पहले दिया जा चुका है। जस्टिस राकेश कुमार जैन ने कहा कि 9 लाख चंडीगढ़ नगर निगम परिवार को अदा करे।
छत से बंदर ने फेंकी थी ईंट
31 मार्च 2015 को अमरजीत सेक्टर-22 में कपड़ों की दुकान के बाहर खड़ा था। छत से बंदर द्वारा फेंकी ईंट उसके सिर पर लगी। उसे तत्काल पीजीआई ले जाया गया, जहां 4 अप्रैल 2015 को उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया कि नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है कि वे शहर के बाशिंदों को बंदरों के आतंक से बचाएं।
फॉरेस्ट एरिया में लगाएंगे फलदार पेड़ : संतोष
फाॅरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर कर कहा गया था कि वे चंडीगढ़ नगर निगम से शिमला नगर निगम की तरह चंडीगढ़ में भी बंदरों को खाना देना अपराध की श्रेणी में शामिल करने पर बाइलॉज बनाने की सिफारिश करेगा। चीफ कंजर्वेटर ऑफ फाॅरेस्ट संतोष कुमार की तरफ से हाईकोर्ट में जवाब दायर कर कहा गया था कि फाॅरेस्ट एरिया में ज्यादा फलदार पेड़ लगाए जा रहे हैं, ताकि बंदर इनकी तरफ आकर्षित हों और आबादी से दूर रहें।
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