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डाउनलोड करेंभोपाल. भाजपा से जुड़ी नेत्री दुर्गा पवार दोहरे पद के मानदेय लेने के मामले में घिर गई है। वे बाल कल्याण समिति में अध्यक्ष है, लेकिन इसके पहले से ही वे उपभोक्ता फोरम में सदस्य भी है। ऐसे में महिला सशक्तिकरण संचालनालय ने दोहरे पद के लाभ के मामले में कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी गई है। महिला सशक्तिकरण आयुक्त जयश्री कियावत ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर को पत्र लिखकर बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड में पदस्थ अध्यक्ष और अशासकीय सदस्यों की पात्रता का परीक्षण करने के निर्देश दिए है। बाल आयोग के सदस्य ब्रजेश चौहान के मुताबिक दोहरे पद पर रहना सही नहीं है।
पहले भी आया ऐसा है मामला
दोहरी सदस्यता का लाभ लेने का ऐसा ही मामला छह महीने पहले उज्जैन में भी सामने आया था। उज्जैन बाल कल्याण समिति में सदस्य विद्या व्यास पहले से उपभोक्ता फोरम की सदस्य थी। उस वक्त आयुक्त जयश्री कियावत ने उज्जैन कलेक्टर को पत्र लिखकर कार्रवाई को कहा था। ऐसी स्थिति में बाल कल्याण समिति से हटाने और मानदेय वसूली को लेकर जवाब-तलब किया है।
क्या है मामला
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 13 अक्टूबर 2017 को किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति में नियुक्तियां की थी। शहडोल बाल कल्याण समिति का अध्यक्ष दुर्गा पवार को बनाया गया था। इस नियुक्ति के खिलाफ शिकायत की गई है, क्योंकि वे पहले से उपभोक्ता फोरम में सदस्य है। उन पर इन दोनों जगह से मानदेय लेने का आरोप है। बाल कल्याण समिति से उन्हें प्रति बैठक एक हजार रुपए और सरकारी गाड़ी-डीजल मिलता है। शिकायत में दुर्गा के अनूपपुर में रहकर शहडोल का अध्यक्ष बनाए जाने का उल्लेख है।
20 साल से भाजपा से जुड़ी हूं अपना जवाब भेज दिया है
भाजपा नेता दुर्गा पवार ने कहा कि मैंने अपना जवाब संचालनालय को भेज दिया है। ये सही है कि दोनों पद पर है। मैं बाल कल्याण समिति की बैठक में रहती हूं तो वहां का मानदेय लेती हूं। ऐसा नहीं होता कि एक साथ दोनों जगह की बैठकों का मानदेय लिया गया हो। शिकायत झूठी है। ये सही है कि पिछले 20 साल से भाजपा से जुड़ी हूं, लेकिन अभी किसी पद पर नहीं हूं।
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