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डाउनलोड करेंभोपाल. प्राइवेट अस्पतालों में मुख्यमंत्री सहायता कोष से मिलने वाली राशि के दुरुपयोग की शिकायतें बढ़ रही हैं। कैंसर पीड़ित मरीज की मौत के बाद बेटे ने भोपाल के सिद्धांता अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है, जिसकी जांच चल रही है। इस जांच के बीच अस्पताल प्रबंधन ने सीएम सहायता कोष से मिली राशि लौटा दी है। प्रबंधन ने 35 हजार रुपए में से 27 हजार लौटाए हैं, जिसमें बकाया होने पर बाकी राशि काटी है। उधर मरीज के बेटे ने दावा किया है कि मेडिक्लेम मिलने के अलावा जो बिल बचा था, उसने वह नकद जमा कर दिया था, जिसकी रसीद जांच कमेटी को पेश कर दी है।
जांच में लेटलतीफी
हरिनारायण ने सीएम सहायता कोष से राशि मंजूर होने के बावजूद सिद्धांता अस्पताल के वापस नहीं करने और दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत सीएम कार्यालय, प्रमुख सचिव, आयुक्त, जेडी और सीएमएचओ को की गई है। जेडी डॉ. मोहन सिंह ने तीन डॉक्टरों कमेटी बनाकर जेडी डॉ. दिनेश कौशल, सीएमएचओ डॉ. सुधीर जैसानी और डॉ. परवेज खान को जांच सौंपी है। जांच में बयान हो चुके हैं।
सीएम सहायता का चेक लौटाया
अस्पताल प्रबंधन ने सीएम सहायता कोष से मिली राशि चेक से वापस लौटा दी है। बेटे का आरोप है कि जांच शुरू होने पर महीनों बाद अस्पताल ने रािश वापस की है। ये राशि पूरी 35 हजार लौटाने की बजाय 27 हजार रुपए दी गई है, जबकि हमने मेडिक्लेम से मिलने के बाद बाकी 10 प्रतिशत राशि को नकद जमा करा दिया था।
ये है मामला
गोविंदपुरा के विकास नगर में रहने वाले ओमप्रकाश तिवारी को 17 फरवरी 2017 को सिद्धांता रेडक्रास सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने आंंत में कैंसर के इलाज पर डेढ़ लाख रुपए खर्च बताया था। मुख्यमंत्री सहायता कोष से 35 हजार रुपए मंजूर हो गए थे, लेकिन तब तक बेेटे हरिनारायण ने पिता को इलाज के लिए जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल शिफ्ट करा लिया था। कुछ दिन इलाज के बाद हमीदिया रेफर किया गया, जहां सर्जरी के बाद 17 मार्च को उनकी मृत्यु हो गई थी।
कमेटी ने बयान ले लिए हैं, जल्द सौंप देंगे जांच रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग के जेडी डॉक्टर दिनेश कौशल ने बताया कि जांच कमेटी ने इस विषय में सभी पहलुओं की पड़ताल कर ली है। मृतक के परिजनों के बयान भी ले लिए हैं। जांच के कुछ बिन्दु बाकी हैं, इसे पूरा कर रिपोर्ट जल्द सौंप दी जाएगी। यह सामने आया है कि अस्पताल प्रबंधन ने राशि लौटाई है।
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