पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंभोपाल. बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देने के चौतरफा विरोध और नर्मदा समिति को भंग करने के लिए सरकार पर फैसला बदलने के दबाव के बीच कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि समिति सरकार ने बनाई है, उसे जो बेहतर लगे, वही करें। उन्होंने कहा है कि हमारा काम मां नर्मदा की सफाई करना है और इसे हम पूरी ईमानदारी से करेंगे। वह शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे हैं, जहां घाटों का निरीक्षण करेंगे। इसके पहले गुरुवार को कम्प्यूटर बाबा और पंडित योगेंद्र महंत रायसेन के घाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नर्मदा सफाई की।
लोगों को दिलाई नर्मदा की शपथ
-लोगों को नर्मदा को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। बाबाओं ने नर्मदा किनारे के गांव में लोगों को नर्मदा को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई। कचरा नहीं फकेंगे। इस दौरान बाबाओं ने लोगों को साथ लेकर नर्मदा से चोई भी निकाली, पौधरोपण भी किया। इसके बाद वे नरसिंहपुर जिले के पिटरास घाट (साईंखेड़ा) पहुंचे, वहां भी स्वच्छता अभियान चलाया।
अफसरों से नर्मदा किनारे लगाए पौधों का मांगा ब्योरा
-कम्प्यूटर बाबा और योगेंद्र महंत ने कहा नर्मदा किनारे किए गए पौधरोपण की स्थिति क्या है तो उन्होंने कहा कि कहां-कहां पौधे लगाए गए थे, अभी उसकी लिस्ट नहीं मिली है। फिर भी हमें नर्मदा घाट के आसपास कुछ पौधे दिखाई पड़े हैं। बाबाओं ने कहा कि अफसरों से 2017 के पौधरोपण का ब्योरा मांगा है।
बंद कराएंगे नर्मदा किनारे का खनन
-कम्प्यूटर बाबा ने कहा कि उन्होंने घाटों पर हो रहे अवैध खनन की जानकारी मिली है, इसे पूरी तरह से बंद किया जाएगा। बाबाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मशीन से खनन नहीं करवाने के निर्देश दिए हैं। हम उनका आदेश पूरी तरह से लागू करवाएंगे।
सरकार पर बढ़ा समिति भंग करने का दबाव
-पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा देकर राज्य सरकार उलझती जा रही है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सर संघचालक भैयाजी जोशी द्वारा बाबाओं को मंत्री दर्जा देने पर नाराजगी जाहिर करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर फैसला वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाबाओं को मंत्री दर्जा देने के मामले में संघ मुख्यालय द्वारा जवाब-तलब करने के बाद सीएम पर फैसला वापस लेने का दबाव बढ़ रहा है। इसकी वजह कम्प्यूटर बाबा के विवादास्पद बयान से भाजपा की किरकिरी होना माना जा रहा है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.