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इलेक्शन में कांग्रेस अपने सिंबल पंजे का करती है दुरुपयोग, शिकायत पर चुनाव आयोग ने फैसला रखा सुरक्षित

3 वर्ष पहले
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नई दिल्ली.    कांग्रेस के नेता चुनाव के दौरान पार्टी के चुनाव चिन्ह हाथ के पंजे का गलत इस्तेमाल करते हैं। यह बात खुद निर्वाचन आयोग के डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर चंद्रभूषण कुमार ने मामले में दायर शिकायत पर सुनवाई के दौरान मानी। उन्होंने कहा, आयोग को ऐसी बहुत सी शिकायतें मिलती रही हैं। कांग्रेस के चुनाव निशान को रद्द करने की मांग को लेकर इस साल जनवरी में शिकायत दायर की गई थी। इस पर आयोग ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 

 

 

मतदान केंद्रों पर हाथ दिखाकर वोटरों को लुभाने की कोशिश करते हैं कांग्रेसी
- चुनाव आयोग में शिकायत दायर करने वाले वकील अश्वनी कुमार उपाध्याय का तर्क था कि कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर हाथ दिखा कर वोटरों को लुभाने की कोशिश करते हैं। जो एक तरह से कायदे-कानूनों का उल्लंघन है। इसके अलावा देश में छह राष्ट्रीय और 75 राज्य स्तरीय राजनीतिक दल हैं। कांग्रेस के अलावा कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं है जिसने शरीर के किसी अंग को अपना चुनाव निशान बना रखा हो। चुनाव आयोग के पास भी 75 चुनाव चिन्ह खाली पड़े हुए हैं, इन में भी कोई ऐसा चिन्ह नहीं है, जिसमें शरीर का कोई अंग शामिल हो।

 

इस कानून का दिया हवाला
- रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1951 की धारा 130 के तहत चुनाव प्रचार बंद होने के बाद मतगणना केंद्र के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के चुनाव चिन्ह ले जाना या इशारे से चुनाव चिन्ह दिखाकर वोट की अपील करने की मनाही है। मगर कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता अक्सर ही हाथ का इशारा कर वोट की अपील करते हैं।

 

लाइव रिपोर्ट: ऐसे तो लोग कल को वोटिंग केंद्र तक हाथी ले आएंगे 

 

- अश्विनी उपाध्याय: ‘किसी भी राजनीतिक पार्टी के पास मानव अंग वाला चुनाव चिन्ह नहीं है। केवल कांग्रेस के पास है। चुनाव के दौरान इनके लोग हाथ दिखाकर वोटर्स को लुभाने की कोशिश करते हैं। कानून के हिसाब से तो 100 मीटर के दायरे के कोई भी चुनाव चिन्ह दिखाना बैन है। लिहाजा इसे निरस्त कर देना चाहिए।’
- चंद्रभूषण कुमार: ‘हम आपकी यह बात मानते हैं। इस चुनाव चिन्ह का मिसयूज होता रहा है। हमें चुनाव के दौरान देशभर से ऐसी कई शिकायतें मिलती रहती हैं।’ 

 

- अश्विनी उपाध्याय: ‘चुनाव आयोग ने यूपी चुनावों में तो बहुजन समाजवादी पार्टी के चुनाव निशान हाथी की सभी मूर्तियों को ढंकवा दिया था, लेकिन कांग्रेसी नेता हाथ दिखाकर वोट की अपील करे तो उसे कैसे रोकेंगे? 
- चंद्रभूषण कुमार: देखिए वहां हाथियों की मूर्तियां तो इसलिए ढंकवा दी थीं क्योंकि वे सरकारी पैसे से बनी थीं। हाथ के पंजे के मामले में तो हमें अलग से कुछ सोचना पड़ेगा।

 

- अश्विनी उपाध्याय: अगर आप हाथ के इशारे को नहीं रोक सकते तो बाकियों को कैसे रोकेंगे। ऐसे तो लोग पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में हाथी ले आएंगे या जिसका निशान पेन होगा, वो पेन ले आएगा, कुर्सी-टेबल के निशान वाला तो इन्हें सिर पर उठा कर भी ला सकता है।
- चंद्रभूषण कुमार: देखिए, आप इस मामले को अलग ही दिशा में लेकर जा रहे हैं। 


- अश्विनी उपाध्याय: अगर हाथ के पंजे वाले निशान को रद्द नहीं  किया तो कल को लोग विक्टरी चिन्ह, मुट्‌ठी का भी चिन्ह मांगेंगे क्या आप उन्हें ये देंगे? 
- चंद्रभूषण कुमार: नहीं.. चुनाव आयोग मिलते-जुलते निशान जारी ही नहीं करता। अगर भाजपा को चुनाव निशान के तौर पर कमल दिया है तो किसी दूसरे को गुलाब का फूल नहीं देंगे। क्योंकि वह कागजों में छपने के बाद कमल जैसा लगेगा लोग कंफ्यूज हो जाएंगे हैं। हमने इसके लिए गाइडलाइंस भी जारी कर रखी हैं।

 

- अश्विनी उपाध्याय:  ऐसी कोई गाइडलाइंस आपकी वेबसाइट पर क्यों नहीं है? 
- चंद्रभूषण कुमार: समय-समय पर जानकारी लोगों को दी जाती है। जल्द ही यह जानकारी वेबसाइट पर होगी। हम आपकी शिकायत पर अपना फैसला सुरक्षित रख रहे हैं और जल्द ही विस्तृत फैसला सुनाएंगे।

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