पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • Congress Mla Says No Call Received By My Wife From Bjp Audio Tape Is Fake Karnataka

कर्नाटक में खरीद-परोख्त: कांग्रेस विधायक ने कहा- पत्नी को नहीं आया भाजपा से फोन, फर्जी था टेप

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

नई दिल्ली.  कर्नाटक में सरकार बनाने को लेकर चल रही उठापटक के बीच येल्लापुर से कांग्रेस विधायक शिवराम हेब्बर ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा के फ्लोर टेस्ट के पहले मेरी पत्नी को भाजपा के किसी भी सदस्य ने कॉल नहीं की थी। कांग्रेस ने जो ऑडियो टेप जारी किया गया था, वह फर्जी है। उन्होंने कहा कि टेप में मेरी पत्नी की आवाज नहीं है। कांग्रेस के ही वीएस उगरप्पा ने कहा कि टेप सच्चा है और हम चुनौती देते हैं कि इसकी फॉरेंसिक लैब में जांच कराकर देख लें। बता दें कि फ्लोर टेस्ट के पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि येदियुरप्पा के बेटे ने फोन कर हेब्बर की पत्नी से समर्थन देने की बात कही थी। 

 

 

- शिवराम हेब्बर ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में लिखा- "मुझे देरी से पता चला कि न्यूज चैनलों में मेरी पत्नी और बीजेपी के लोगों के बीच संदेहास्पद बातचीत की चर्चा है। यह मेरी पत्नी की आवाज नहीं है। मेरी पत्नी ने कोई फोन रिसीव नहीं किया था। ऑडियो टेप फर्जी है और मैं इसकी निंदा करता हूं।"
- "मैं अपने क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे दोबारा मौका दिया। मैं उनके लिए काम करता रहूंगा।"  

 

दिनभर आरोपों का दौर चला : येदियुरप्पा पर लगा 15 करोड़ या मंत्री पद का ऑफर देने का आरोप 
- फ्लोर टेस्ट 19 मई को शाम 5 बजे होना था। इससे पहले कांग्रेस ने कुछ ऑडियो जारी किए। कांग्रेस नेता वीएस उग्रप्पा ने दावा किया कि भाजपा के बीवाई विजेंद्र ने कांग्रेस विधायक की पत्नी को फोन किया और कहा कि वे अपने पति से कहें कि येदियुरप्पा के फेवर में वोट करें। हम आपके पति को मंत्री पद या 15 करोड़ रुपए देंगे।

- इससे पहले कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि भाजपा को पता है कि उसके पास 104 विधायक हैं, इसके बाद भी वह हर संभव कोशिश कर रही है। 

 

फ्लोर टेस्ट के पहले इस्तीफा दे दिया था येदियुरप्पा
- कर्नाटक में 55 घंटे के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (75) ने 19 मई की शाम को शक्ति परीक्षण से पहले ही इस्तीफा दे दिया। अब कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार बनाएगा। कुमारस्वामी बुधवार को शपथ लेंगे। पहले सोमवार का दिन तय हुआ था। पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि के कारण इसे दो दिन आगे बढ़ाया गया। - राज्यपाल ने कुमारस्वामी को भी बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन दिए हैं।

 

103 वोट से जीत नहीं सकती थी भाजपा
- मौजूदा संख्या बल के मुताबिक, भाजपा बहुमत पाने की स्थिति में ही नहीं थी। विधानसभा में सदस्यों की संख्या 222 थी। एक प्रोटेम स्पीकर भाजपा से ही बना। ऐसे में संख्या 221 हो गई। कुमारस्वामी दो सीटों से चुने गए। इसलिए संख्या 220 हो गई। बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 111 हो गया। भाजपा के 104 में से प्रोटेम स्पीकर का एक वोट और कम हो गया। उसके पास 103 ही विधायक बचे। वहीं, आखिर तक सदन में कांग्रेस (78) और जेडीएस+ (38-कुमार स्वामी = 37) की कुल संख्या 115 बनी रही। कांग्रेस ने दो निर्दलीय विधायकों को भी अपने साथ कर लिया था।

खबरें और भी हैं...