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डाउनलोड करेंइंदौर। कर्नाटक में राज्यपाल द्वारा भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का न्योता देने का विरोध कांग्रसे पार्टी द्वारा किया जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पत्र लिखकर सभी राज्यों में पार्टी संगठन को निर्देश दिए थे कि कनार्टक में हो रहे राजनैतिक घटनाक्रम के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया जाए। दिल्ली से मिले निर्देश के बाद इंदौर शहर कांग्रेस द्वारा शुक्रवार सुबह भाजपा का पुतला जलाया गया।
पुतला जल गया तब पहुंची पुलिस
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला कांग्रेसियों द्वारा जलाए जाने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस पहुंची तब तक पुलता लगभग पूरा जल गया था तब जाकर पुलिस ने वीडियोग्राफी शुरू की। इस पर पुलिस का कहना है कि पुतला दहन के समय छीना झपटी में विवाद भी हाेता है और आग के कारण कोई झुलस भी सकता है, इसलिए पुलिस पुतला दहन से दूर रही।
कांग्रेस ने कहा- राज्यपाल ने दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या कर डाली
गौरतलब है कि गुरुवार को येदियुरप्पा के शपथ लेने के पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया था कि "कर्नाटक में बहुमत बगैर भाजपा की सरकार बनाने की मांग बेतुकी है। यह संविधान का मखौल है।"
शनिवार शम 4 बजे सदन में साबित करना होगा बहुमत
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला दिया है। इस तरह शीर्ष अदालत ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने बीएस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया था। अब कल शाम यह फैसला हो जाएगा कि बिना बहुमत के दूसरी बार मुख्यमंत्री बने बीएस येदियुरप्पा की कुर्सी रहेगी या जाएगी। कर्नाटक में अभी भाजपा के पास 104, कांग्रेस के पास 78 और जेडीएस+बसपा के पास 38 विधायक हैं। बहुमत के लिए 112 का आंकड़ा जरूरी है। राज्यपाल ने भाजपा को मौका दिया था। इसके लिए खिलाफ कांग्रेस आधी रात को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। लेकिन कोर्ट ने शपथ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था और सुनवाई शुक्रवार सुबह तक टाल दी थी।
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