ठेकेदारों काे 31 मार्च तक कार्य को पूर्ण करने की समस्या से मिली निजात

Madhubani News - वित्तीय वर्ष 2019-20 के अधूरे कार्य को पूर्ण किए जाने के लिए 31 मार्च तक का अंतिम समय था। 22 मार्च से पूर्व कार्य को पूर्ण...

Mar 27, 2020, 07:27 AM IST

वित्तीय वर्ष 2019-20 के अधूरे कार्य को पूर्ण किए जाने के लिए 31 मार्च तक का अंतिम समय था। 22 मार्च से पूर्व कार्य को पूर्ण किए जाने के लिए ठेकेदार व कार्य एजेंसी में इसके लिए हाय-तौबा मची हुई थी। वहीं 23 मार्च से लॉक डाउन की घोषणा के बाद इन्होंने राहत की सांस ली है। खासकर इसका लाभ उन ठेकेदारों को अधिक मिला है जो विभागीय स्तर पर डिफॉल्टर की श्रेणी में थे। लॉक डाउन की तिथि को बढ़ाकर 14 अप्रैल होने के बाद इन्होंने पूर्ण रूप से राहत की सांस ली है। कई ठेकेदारों ने बताया कि निर्धारित समय मे कार्य पूर्ण करना तो चुनौती तो है ही। कार्य तो पूर्ण करना ही है। बशर्ते कि 31 मार्च को नहीं हो पाएगा। लॉक डाउन होने के बाद मजदूरों से काम करवाना भी क्राइम ही है। जिस कारण कार्य बंद हो गया है। जबकि डीआरडीए परिसर में हो रहे भवन निर्माण कार्य कर रहे मजदूर गुरुवार को भी कार्य करते रहे। प्रशासनिक रुप से लॉक डाउन होने के 72 घंटा बीतने के बावजूद भी प्रशासन की नजर इनपर नहीं गई है। नप के प्रधान सहायक शंकर कुमार झा ने बताया कि लॉक डाउन की खबर होने के बाद कार्य किया जाना अपराध है। कार्रवाई के लिए इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी जाएगी।

नहीं हाेगी शहर के लाेगाें काे पानी की समस्या : शंकर झा | नप के प्रधान सहायक शंकर कुमार झा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में अभी पानी की कोई समस्या नही है। जिन वार्डों में कार्य पूर्ण हो गया है। वहां पानी की आपूर्ति की जा रही है। साथ ही इस अवधि में भी यदि लोगों को पानी की समस्या होती है अथवा पानी की कमी की शिकायत मिलती है तो समस्या को दूर करने की कोशिश की जाएगी। लोगों को पानी की समस्या नही होने देंगे।

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