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प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी : संरा पर्यावरण प्रमुख (साक्षात्कार)
प्लास्टिक प्रदूषण पर नियंत्रण जरूरी : संरा पर्यावरण प्रमुख (साक्षात्कार)
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रमुख एरिक सोलहेम ने प्लास्टिक से फैलने वाले प्रदूषण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा खतरा है और सभी देशों को पानी और पर्यावरण में मिलने वाले प्लास्टिक के कचरे से निपटने के लिए बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन अपनाने की जरूरत है।
सोलहेम ने जोर देते हुए कहा, \"\"प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण के सबसे बड़े खतरों में से एक है।\"\"
संयुक्त राष्ट्र के उपमहासचिव सोलहेम ने आईएएनएस के साथ एक ऑनलाइन साक्षात्कार में कहा, \"\"हम प्रति वर्ष 1.3 करोड़ टन प्लास्टिक कचरा महासागरों में फेंकते हैं, और अगले दशक में यह दोगुना हो सकता है। हम महासागरों को प्लास्टिक के सूप में तब्दील कर रहे हैं।\"\"
उन्होंने कहा, \"\"इसे रोकना होगा, और तुरंत रोकना होगा, क्योंकि यह समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचा रहा है तथा हमारे भोजन और पानी की आपूर्ति को खत्म कर रहा है। अगर इसे रोका नहीं गया तो यह हम लोगों को भी नुकसान पहुंचाने लगेगा। इसे साफ करना भी एक समस्या है।\"\"
पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण आधारित वैश्विक कार्यक्रम की मेजबानी करने भारत आ रहे सोलहेम ने कहा, \"\"हम चाहते हैं कि दुनिया भर में लोग इस दिशा में सक्रिय हों, तथा व्यापक स्तर पर सफाई अभियान शुरू हो। यह जरूरी है, क्योंकि व्यापक सफाई से इस समस्या को हल किया सकता है। हमें प्रतिकूल परिवर्तन की जरूरत है, इसका मतलब हमें प्लास्टिक इस्तेमाल के अपने तरीके में बदलाव करना होगा।\"\"
वर्ल्ड एनवायरमेंट 2018 का विषय \'बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन\' (प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करो) है। इसमें सरकारों, उद्योगों, लोगों को स्थाई विकल्पों का पता लगाने तथा महासागरों को प्रदूषित करने वाली तथा एक बार उपयोग होने वाली प्लास्टिक की पॉलीथिन का उत्पादन तथा उसके अत्यधिक उपयोग को घटाने की अपील की जाएगी।
उन्होंने कहा, \"\"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि अगर जलवायु परिवर्तन पर हमने कोई कदम नहीं उठाया तो यह आने वाली पीढ़ी के लिए अपराध होगा।\"\"
उन्होंने कहा, \"\"उपभोक्ताओं को इसका उपयोग करने तथा इसके साथ उनके संबंधों का निरीक्षण करने की जरूरत है। अगर हम अपनी दिनचर्या को देखें, तो बड़ी संख्या में पॉलीथिन को एक बार उपयोग कर के फेंक दिया जाता है। इसके स्थान पर कोई अन्य विकल्प अपनाया जा सकता है। अगर पर्याप्त लोग यह करते हैं तो यह उपभोक्ता शक्ति में बदल जाएगी।\"\"
--आईएएनएस