स्विट्जरलैंड गए कपल ने इटली में भी किया था स्टे, सैंपल लिए
जनरल अस्पताल में देर रात कुछ दिन पहले स्विट्जरलैंड से हनीमून मनाकर लौटे कपल का सैंपल लिया गया। दोनों पहले भी इमरजेंसी में अपना चेकअप करवाकर गए थे, लेकिन उस वक्त डॉक्टरों को नहीं बताया गया कि वह इटली में भी स्टे करके आए है। जिसके बाद अब जब महिला की हल्की तबियत बिगड़ी और कफ की शिकायत भी हुई तो देर रात दोनों के लैब में सैंपल लिए गए।
दोनों का फार्म भी भरवाया और बताया कि स्विट्जरलैंड जाने के बाद उन्होंने इटली में भी स्टे किया था। वहीं, अभी तक पंचकूला में 24 पैसेंजरों को ही रिपोर्ट किया गया है, जिसमें अभी भी 10 पैसेंजर डॉक्टरों की निगरानी में है। विभाग की ओर से अब लोगों को अवेयर करने के लिए मोबाइल पर कॉलर ट्यून से भी अवेयर किया जा रहा है। अब अगर कोई किसी को फोन कर रहा है तो ऑटोमेटिक उन्हें कॉलर ट्यून पर कोरोना वायरस की अवेयरनेस का मैसेज दिया जा रहा है।
मार्केट में मास्क आउट ऑफ स्टॉक, अब ऑनलाइन पर जोर
लोगों में कोरोना वायरस का डर इतना ज्यादा हो गया है कि अब अपने अापको वायरस से बचाने के लिए लोग महंगे दामों पर मास्क और हैंड सेनीटाइजर खरीद रहे है। जबकि, डॉक्टरों का शुरूआत से ही यह कहना है कि इसके लिए लोगों को हड़बड़ाहट नहीं करनी चाहिए। नॉर्मली साबुन, डिटोल से हैंड वॉश करें, लेकिन लोगों की डिमांड अौर स्टॉक के होल्ड से मार्केट में सामान की शॉर्टेज हो गई है। वहीं, अब लोग मास्क और हैंड सेनीटाइजर को खरीदने के लिए ऑनलाइन शाॅपिंग पर भी जोर देने लग गए है। जहां पर नॉर्मल मास्क 499 तक का मिल रहा है। जबकि, एन95 मास्क एक हजार रुपए के करीब मिल रहा है और वो भी डिस्काउंट पर।
फ्लू कॉर्नर बनाया, मरीज फिर भी ओपीडी में पहुंच रहे हैं
हेल्थ डिपार्टमेंट ने फ्लू वाले मरीजों के लिए जनरल अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर ही फ्लू कॉर्नर बनाया है। यहां उन सभी मरीजों का चैकअप किया जा रहा है जो खांसी, जुकाम और बुखार है। विभाग का दावा है कि ऐसे मरीजों को अस्पताल में इधर-उधर भेजने के बजाए यहां पर ही सैंपल, एक्स-रे और डॉक्टरों की सुविधा दी जा रही है। फिर भी खांसी, बुखार और जुकाम के मरीज ओपीडी में पहुंचे। शनिवार को कुल 16 मरीज यहां आए, सभी पंचकूला के थे और इसमें 10 मेल है और 6 फीमेल है।
इधर, जनरल अस्पताल में खत्म हो गई एंटी बायोटिक मेडिसिन
एक ओर कोरोना वायरस के चलते विभाग कई बंदोबस्त कर रहा है, दूसरी ओर जनरल अस्पताल की फार्मेसी में एंटीबायोटिक दवाईयां ही नहीं है। शनिवार को अस्पताल में खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रस्त जैसे मरीजों को दी जाने वाली सिट्राजीन टेबलेट और सिरप खत्म हो गया। इसके साथ अमोक्सीक्लेव, कफ सिरप और एटोरवास्टेटिन टेबलेट भी स्टॉक में नहीं है। एटोरवास्टेटिन टेबलेट उन मरीजों को दी जाती है जिन्हें कोलेस्ट्रोल की प्रोब्लम होती है।
3 दिन पहले आए 5000 मास्क अस्पताल में खत्म
जनरल अस्पताल में पहले 300 से 500 के बीच हैंड सेनीटाइजर की डिमांड भेजी जाती थी। कोरोना वायरस के चलते हाल ही में एक हजार हैंड सेनीटाइजर की डिमांड भेजी गई। जिसमें अभी तक करीब 250 से 300 हैंड सेनीटाइजर ही मिल सके है। वहीं, 3 दिन पहले ही अस्पताल में 5 हजार मास्क आए थे, जाे शनिवार तक खत्म हो चुके है। अब ना के बराबर ही मास्क अस्पताल में है। प्रबंधन की ओर से अब 10 से 15 हजार मास्क की डिमांड भेजने के लिए प्लानिंग की जा रही है।