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डाउनलोड करेंजर्मनी में एक ऐसा वाक़या पेश आया जिसे सुनकर बड़ी हैरानी होती है.
मामला यह है कि जर्मनी में एक कस्बा है रेसडोर्फ़, जहां एक डेयरी में धमाका हो गया.
पुलिस का कहना है कि इस धमाके के लिए डेयरी में बंधी गायें ज़िम्मेदार हैं.
पुलिस का दावा है कि धमाका उस मीथेन गैस की वजह से हुआ जो इन गायों ने छोड़ी थी.
डेयरी में दस-बीस नहीं बल्कि पूरी 90 गायें बंधी थीं.
मीथेन गैस की वजह से हुआ यह धमाका इतना ज़ोरदार था कि डेयरी की छत टूट-फूट गई और एक गाय ज़ख़्मी भी हो गई.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, पुलिस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, \'\'इलेक्ट्रिक चार्ज की वजह से गैस ने आग पकड़ी और धमाका हो गया.\'\'
मीथेन और अमोनियास्थानीय मीडिया का कहना है कि आपातसेवा से जुड़े कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने वहां मौजूद गैस की मात्रा नापी ताकि आगे किसी और धमाके की आशंका को ख़त्म किया जा सके.
माना जाता है कि गायें हर दिन 500 लीटर तक मीथेन गैस उत्सर्जित करती हैं.
इसी तरह, बूचड़खानों से व्यापक स्तर पर मीथेन गैस निकलती है जहां बड़े पैमाने पर मवेशियों को मांस के लिए काटा जाता है.
मीथेन, ग्रीन हाउस गैसों की श्रेणी में आती है जिन्हें पर्यावरण के लिए ख़तरा माना जाता है.
गायें सिर्फ़ मीथेन ही नहीं, बड़ी मात्रा में अमोनिया गैस भी उत्सर्जित करती हैं जिससे मिट्टी और पानी दोनों ही ज़हरीले हो सकते हैं.
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