पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंरांची. नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप से रिहा होने वाले ओरमांझी के तौफीक आलम अंसारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह आदेश पॉक्सो एक्ट मामले के स्पेशल जज शिवपाल सिंह की अदालत ने ओरमांझी के थानेदार को दिया। थानेदार को भेजे गए पत्र में कोर्ट ने कहा है कि आरोपी के खिलाफ 15 दिनों के अंदर कानूनी कार्रवाई करके कोर्ट को सूचित करें।
- पत्र में कोर्ट ने लिखा है कि आरोपी तौफीक ने नाबालिक को बालिग दिखाने के प्रयास में उसके जन्म के संबंध में तीन अलग-अलग जगहों से निर्गत जन्म प्रमाण-पत्र कोर्ट में दाखिल किया है। इस आधार पर कोर्ट ने पाया है कि तौफीक ने मामले से बरी होने के लिए नाबालिक लड़की का जाली जन्म प्रमाण पत्र बनवाया और अपहरण के आरोप से बरी हो गया।
- इससे पूर्व कोर्ट ने रांची के एसएसपी को पत्र लिख कर इस संदर्भ में कार्रवाई करने को कहा था। तौफीक पर नामकुम स्थित नारी निकेतन में जाकर महिला प्रोवेशन होम की अध्यक्ष के साथ गाली-गलौज और धमकाने का आरोप है। नाबालिग के पिता ने 13 सितंबर 16 को ओरमांझी थाने में तौफीक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसकी नाबालिग बेटी पूजा की खरीदारी करने निकली थी, तभी अपहरण कर लिया।
पिता ने आरोपी के सर्टिफिकेट की जांच की मांग की थी
- मामला अंतर समुदाय और लव जिहाद से जुड़े होने के कारण कोर्ट ने नाबालिक को तौफीक आलम के पक्ष में छोड़े जाने से पूर्व रांची एसएसपी से प्रतिवेदन की मांग की है।
- दूसरी तरफ पीड़िता के पिता ने कोर्ट में आवेदन देकर कहा कि उसे उसकी पुत्री से प्रत्येक दिन मिलने का आदेश दिया जाए। साथ ही अभिलेख में उसके जन्म के संबंध में जितने भी जन्म प्रमाण पत्र दाखिल किए गए हैं, सभी कागजातों को जांच करने का भी अनुरोध किया। पिता के आवेदन पर कोर्ट ने जन्म प्रमाण-पत्र का अवलोकन किया और थानेदार को मामले में आरोपी तौफिक के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.