पिंजौर अर्बन के सेक्टरों में बनाया जाए श्मशानघाट
पिंजौर शहर में पिछले करीब 50 साल पहले श्मशानघाट बना था। लोगों को शव का संस्कार करने के लिए वहां तक पहुंचने में बहुत ज्यादा मुश्किल होती है। हजारों की आबादी वाले पिंजौर शहर समेत आसपास क्षेत्र के लोग भी शव संस्कार के लिए इसी पर निर्भर रहते हैं। पिंजौर की घनी आबादी में सैनी मोहल्ले में बने इस श्मशानघाट का रास्ता करीब 8 फीट का है। जहां पर से एक वाहन तक मुश्किल से निकल पाता है। आसपास लोगों के घर हैं। अक्सर रास्ते मे कई बार लोगों के वाहन भी खड़े रहते हैं जिससे शव को श्मशानघाट ले जाने वाहन को भी रुकना पड़ता है। पिंजौर शहर के लोगों ने बताया कि जिस समय यह श्मशानघाट बना था उस समय आसपास खाली जगह होती थी। रोड पर से ही श्मशानघाट नजर आ जाता था, लेकिन जैसे-जैसे आबादी बढ़ने लगी शहर विकसित हुआ तो गलियां रास्ते भी सिकुड़ने लगे। ऐसा ही श्मशानघाट के रास्ते में भी हुआ। श्मशानघाट तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं तीनों ही इतने ज्यादा तंग हैं कि वाहन में वहां पर शव कमो ले जाना काफी मुश्किल होता है।