शहर में क्राइम ग्राफ 80 प्रतिशत गिरा, जो कानून से न डरा वह कोरोना से डरा

Sasaram News - कोरोना वायरस संक्रमण के एक इफेक्ट भी देखने को मिला है। लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल नहीं रहे हैं तो अनुमंडल...

Mar 27, 2020, 06:45 AM IST
Bikramganj News - crime graph in the city dropped by 80 percent which did not scare the law

कोरोना वायरस संक्रमण के एक इफेक्ट भी देखने को मिला है। लोग अपने अपने घरों से बाहर निकल नहीं रहे हैं तो अनुमंडल क्षेत्र के आपराधिक वारदात में भी 80 फीसदी कमी आई है। यानी जो अपराधी बदमाश को पुलिस प्रशासन से खौफ नहीं था उन्हें कोरोना डरा दिया है। क्राइम ग्राफ गिरने से पुलिस-प्रशासन व पब्लिक दोनों को राहत मिला है।

उधर अब दफ्तरी स्टाफ नए क्राइम घटने से पुराने मामले को ट्रेस करने में जुटी हुई है। दूसरी तरफ बदमाशों के पीछे घूमने से राहत मिलने के कारण ही कोरोना वायरस को लेकर लगाएं गए कर्फ्यू में 80 प्रतिशत थानों की पुलिस को तैनात कर दिया गया है। आंकड़ों की
बात करें तो बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र के अलग अलग थानों से
कुल प्रतिदिन 15 से 20 एफआईआर दर्ज हो जाते थे। जो फिलहाल 3 से 4 हो रहे हैं। किसी दिन तो शून्य भी हो जा रहा है। इसमें भी क्राइम लूट, हत्या, चोरी, डकैती, बलात्कार, जैसे जघन्य अपराध नहीं के बराबर हैं। जो केसेस आ रहे हैं। वह मारपीट व सड़क हादसा जैसी शामिल है। नाम नहीं छापने की शर्त पर पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि यह सब कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट है जिन अपराधियों बदमाशों को पुलिस ने भी डरा नहीं सकी उसे कोरोना से डराया है।

लॉकडाउन से लोगों को दिक्कत, लेकिन राहत की सांस भी ले रहे

शहर में जनता कर्फ्यू उसके बाद लॉक डाउन इससे आम लोगों व खासकर व्यवसायी वर्ग को काफी दिक्कत तो हो रही है, लेकिन बंद की वजह से लोग राहत की सांस भी ले रहे हैं। आए दिन चोरी, लूटपाट, बाइक चोरी जैसी घटनाओं से व्यवसायी व आमजन परेशान थे। पुलिस भी एक मामले को निपटा नहीं पा रही थी कि दूसरा समस्या खड़ा हो जाता था पर अब वैसे मामले बहुत ही कम आ रहे हैं जो आते हैं उनमें अधिकतर मारपीट व सड़क दुर्घटना की होती है। ऐसे में पुलिस व पब्लिक दोनों के लिए चैन से सांस लेने वाले बात हैं। लेकिन कोरोना वायरस से बचाव कार्य मे जुटे डॉक्टर, नर्सेज, पुलिस, मीडियाकर्मी दिन रात अस्पताल व सड़कों पर एक किए हुए हैं वही अभी भी कई आम लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं जो राहत की बात नहीं है। पुलिस की आंकड़ों पर भरोसा करें तो 22 मार्च से 26 मार्च तक बिक्रमगंज थाना में संगीन अपराध नहीं घटा है।

क्या कहते हैं अधिकारी


पुराने केसों को सुलझाने
में जुटी है पुलिस


कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर 22 मार्च से शहर को लॉक डाउन किए जाने को लेकर अनुमंडल क्षेत्र के लगभग सभी थानों के 85 फीसदी पुलिस अधिकारियों को सड़क पर उतार दिया गया है। पुलिस पदाधिकारी बचे हुए हैं उनके पास नया के नहीं आया है।

भी क्राइम लूट, हत्या, चोरी, डकैती, बलात्कार, जैसे जघन्य अपराध नहीं के बराबर हैं। जो केसेस आ रहे हैं। वह मारपीट व सड़क हादसा जैसी शामिल है। नाम नहीं छापने की शर्त पर पुलिस के एक वरीय अधिकारी ने बताया कि यह सब कोरोना वायरस का साइड इफेक्ट है जिन अपराधियों बदमाशों को पुलिस ने भी डरा नहीं सकी उसे कोरोना से डराया है।

दावथ थाना


पहले अलग-अलग थानों में प्रतिदिन 15 से 20 एफआईआर दर्ज होती थी

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