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डाउनलोड करेंइंदौर. शहर में मंदिर, कॉलेज और चौपाटियों के आसपास महिलाओं से ज्यादा छेड़छाड़ होती हैं, जबकि पार्किंग से सबसे ज्यादा वाहन चोरी किए जाते हैं। यह खुलासा 1 अप्रैल से लागू फाइल एंड क्राइम ट्रैकिंग एनालिस सिस्टम (फैक्ट्स) से हुआ है। अधिकारियों ने पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र का अलग-अलग विश्लेषण किया है।
एएसपी विनय पॉल के मुताबिक, सिस्टम से जब टाइम के आधार पर वाहन चोरी की जानकारी निकाली गई तो पता चला कि 1 जनवरी से 14 अप्रैल तक पूर्वी क्षेत्र में 472 वाहन चोरी हुए, जिनमें इनका समय सुबह 10 से शाम 7 बजे था। इस दौरान 35 प्रतिशत गाड़ियां वाहनों के पार्किंग स्थल से, 37 प्रतिशत कॉलोनियों से और 2 प्रतिशत लोगों के घर से, बाकी अन्य स्थानों से चोरी हुईं। वहीं पश्चिम क्षेत्र में इसी अवधि में रात 12 से तड़के 3 के बीच वाहन चोरी की 379 घटनाएं हुईं। 35 प्रतिशत बाहरी काॅलोनियों से, 40 फीसदी कमर्शियल काॅम्प्लेक्स की बाहर की पार्किंग से, शेष काॅलोनियों से चोरी हुईं।
इन बिंदुओं पर प्रिवेंटिव पुलिसिंग
- तीन महीने में किस क्षेत्र में हत्या या हत्या के प्रयास हुए।
- किन इलाकों से अधिक वाहन चोरी हुए। एफआईआर के रियल टाइम से घटना क्षेत्र को कवर करने के लिए चौतरफा चेकिंग पाॅइंट लगा कर अपराधियों की धरपकड़ की जा रही।
- कौन से थाने में वारंट तामील नहीं हो रही। रजिस्टर व पेपर में एंट्री के बजाय अब अपने कार्य का रजिस्ट्रेशन सीधे साॅफ्टवेयर से करेंगे।
- बड़े अधिकारी अधीनस्थ अफसरों को यदि किसी मामले में कोई डायरेक्शन या पत्र भेजेंगे तो वह भी डिजिटल रिकाॅर्ड से सेंड होगा।
- उनके रीड होने से कार्यान्वयन का समय भी साॅफ्टवेयर अपडेट कर देगा। इससे पत्र मिलने के बाद भी दबाकर बैठे रहने की हरकतों पर कंट्रोल होगा।
- छेड़छाड़ वाले क्षेत्र में सिर्फ एक सीआरवी वाहन या एक टीम से पूरे इलाके को पाॅइंट आउट कर कार्रवाई करने की भी सुविधा है।
पूर्व में 46, पश्चिम में छेड़छाड़ की 66 घटनाएं
छेड़छाड़ को लेकर हुए एनालिसिस में पूर्वी क्षेत्र में सुबह 8 से 1.30 बजे के बीच सर्वाधिक घटनाएं हुईं। 1 जनवरी से 14 अप्रैल तक 46 केस दर्ज हुए। इसी तरह पश्चिम क्षेत्र में जनवरी से अब तक 66 छेड़छाड़ की घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें सर्वाधिक शाम के समय प्रसिद्ध मंदिरों, कॉलेजों व चाट-चौपाटियों के पास हुईं। इनमें चंदन नगर, अन्नपूर्णा और छत्रीपुरा इलाके में कुल 39 केस दर्ज हुए हैं।
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