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डाउनलोड करेंलखनऊ. 06 मई 2017, शनिवार देर रात। राजधानी के लिकर किंग संजय केडिया की वाइफ मोनिका को बदमाशों ने 6 गोली मारी। उसने खून से लथपथ कार से उतरकर मदद के लिए लिफ्ट मांगी, जिसके बाद उसे लोगों ने हॉस्पिटल पहुंचाया। मामले में पुलिस ने केडिया को गिरफ्तार किया। फिलहाल, वो जमानत पर बाहर है और लखनऊ हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। घटना के बाद मोनिका की फैमिली ने संजय के बारे में SHOCKED करने वाली बातें बताई थीं। क्राइम सीरीज में DainikBhaskar.com बता रहा है, इस लिकर किंग की कहानी। वाइफ स्वैपिंग का डालता था प्रेशर...
- बहन मनीषा ने बताया, अप्रैल 2016 में संजय और मोनिका की शादी हुई। वो अपने दोस्तों की फैमिली के साथ उसे भी ट्रिप पर ले जाता था। शराब पीने के बाद उसपर वाइफ स्वैपिंग (पत्नियों की अदला-बदली) का प्रेशर डालता था। मना करने पर मारता था। नशा उतरते ही सॉरी भी बोलता था।
- ये बातें मोनिका ने हमसे कभी शेयर नहीं की। लेकिन जब दोनों में विवाद बढ़ा तो उसने ये बातें बताईं।
- शादी के एक-दो महीने तक सब ठीक रहा, उसके बाद हालात बिगड़ने लगे। संजय जब शराब पीकर घर आता तो वो चाहता था कि मोनिका उसके जूते उतारे। वो गुस्से में बहन को पैर से मारता भी था। कई बार उसे चोट भी आई।
- इतना ही नहीं, अगर खाने में उसे कुछ पसंद नहीं आया तो सीधे थाली उठाकर बहन के ऊपर फेंकता था। गर्म खाना होने की वजह से वो कई बार जली भी थी।
- मोनिका के पिता शत्रुधन सिंह ने बताया था, उसकी पहली शादी से उसको एक बेटी है। जब बेटी की शादी हुई तो हमने फैसला लिया कि वो अपने ननिहाल में ही रहेगी। लेकिन वो तैयार नहीं हुआ। आए दिन बेटी को ताने मारता था, उसे टॉर्चर करता था।
- बात-बात में वो बेटी को कहता था- तू मेरे लिए रखैल जैसी ही है।
- साउथ सिटी में शादी के बाद दोनों रेंट पर रहते थे। इसके बाद सफेदाबाद में शालीमार अपार्टमेंट में इसने मकान लिया, लेकिन न तो बेटी को ले गया, ना हमें बुलाया।
- इस पर हमें शक हुआ, तब बेटी ने बताया कि इनकी पहले से शादी हो चुकी है। नवंबर 2016 में हमने बेटी को अपने घर बुला लिया और उसे तलाक देने का कहा। लेकिन संजय नहीं माना।
- संजय ने ही बेटी पर हमला करवाया था। वो उसे जान से मरवा देना चाहता है।
करेंट स्टेटस...
DainikBhaskar.com से बात करते हुए मोनिका के पिता शत्रुधन सिंह ने कहा, एक साल हो गए हैं, अभी तक लखनऊ पुलिस ने फरार चल रहे दोनों शूटर को नहीं पकड़ा है। अरेस्टिंग करने को लेकर कई बार पुलिस अफसरों से शिकायत भी की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्य आरोपी संजय केडिया की जमानत होने के बाद लगातार मुकदमा वापस लेने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है। बता दें, केडिया लगभग 6 महीने जेल में रहा। लेकिन शूटर की गिरफ्तारी न होने की वजह से उसे जमानत मिल गई और वो बाहर आ गया। फिलहाल, मामला लखनऊ हाईकोर्ट में चल रहा है।
इस तरह फर्श से अर्श पर पहुंचा केडिया...
- शराब के व्यवसाय से जुड़े एक व्यापारी के मुताबिक, 2001 में यूपी में लिकर किंग पोंटी चड्ढा का बिजनेस नहीं था, तब उसकी कंपनी के लिए केडिया गोरखपुर और देवरिया में सेल्स मैन का काम करता था।
- उसको कमीशन के तौर पर 10 हजार रुपए महीने मिलाता था। वो स्कूटर से शराब की दुकानों पर जाकर ऑर्डर लिया करता था।
- उसकी हालत इतनी खराब थी कि 2005 तक उसका मकान और जो थोड़ी बहुत जमीन देवरिया में थी, वो सब बैंक में गिरवी थी।
- 2007 तक उसके ऊपर काफी उधार हो चुका था। उसने किसी से 5 हजार, किसी से 10 हजार तो किसी से 3-3 हजार भी ले रखे थे।
- संजय की किस्मत 2008 से बदली। उस समय मायावती सरकार में पोंटी चड्ढा को यूपी में शराब का होलसेल का ठेका और खनन का पट्टा मिला।
- काफी समय से वो चड्ढा की कंपनी से जुड़ा था, इसलिए उसे गोरखपुर का हेड बना दिया गया। यहीं से उसकी लॉटरी लग गई।
- संजय को गाड़ियों और महंगे हथियारों का शौक है। उसने अपने अलावा परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर इम्पोर्टेड असलहे ले रखे हैं। गाड़ियों में एंडेवर, फोर्च्यूनर, स्कॉर्पियो, होंडा सिटी और अन्य महंगी गाड़ियां हैं।
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