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डाउनलोड करेंइंदौर. एटीएम में कैश की किल्लत ने बाजार में आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के दो तिहाई से ज्यादा एटीएम में कैश नहीं है। बैंकों को एटीएम में डालने लायक हर दिन केवल 25 से 30 करोड़ रुपए ही मिल रहे हैं, जबकि शहर के एटीएम में हर दिन सौ करोड़ से ज्यादा कैश की जरूरत होती है। हालांकि कैश की किल्लत अभी एटीएम तक सीमित है और बैंकों का काम चल रहा है। बैंकों के बीच आपस में ट्रांजेक्शन चलते रहने और यहां लेन-देन होने के चलते कैश का फ्लो बना हुआ है। शहर के एटीएम में से 40 फीसदी से ज्यादा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के हैं, लेकिन खातीपुरा, अन्नपूर्णा, भंवरकुआं, एबी रोड व अन्य कई क्षेत्रों के एटीएम बंद हैं और यहां पर नो कैश के संदेश स्क्रीन पर आ रहे हैं।
रिटायर्ड कर्मचारी ने कई एटीएम खंगाले, एक में से निकले केवल 1900 रुपए
चाणक्यपुरी चौराहे के पास हर्षद कुमार सभी एटीएम छान चुके हैं। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई के एटीएम में कैश नहीं निकला। कुमार ने कहा पत्नी अस्पताल में भर्ती है, पर एटीएम में कैश नहीं है। इसी तरह रिटायर शासकीय कर्मचारी यशवंत कौशिक भी कई एटीएम में कैश ढूंढते रहे। आखिर में एक एटीएम से 1900 रुपए मिले।
मंडी में रोज चाहिए 25-30 लाख, वह भी नहीं
मंडी : अनाज तिलहन संघ के अध्यक्ष मनोज काला ने बताया रोज करीब 300 कारोबारी किसानों से 10 करोड़ से ज्यादा का माल खरीद रहे हैं। हालांकि कैश में केवल 25-30 लाख का ही पेमेंट होता है, लेकिन यह राशि भी बैंकों से मिलने में दिक्कत आ रही है।
सराफा : सराफा एसोसिएशन के महामंत्री अविनाश शास्त्री का कहना है ग्राहकों को चेक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, कार्ड से पेमेंट के लिए बता रहे हैं। जिनको ज्वेलरी लेना होती है, वे इस तरह पेमेंट कर ले रहे हैं। फिर भी कैश की कमी से दिक्कत हो रही है।
रिटेल कारोबार : अहिल्या चेंबर एसो. के अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल बताते हैं पेमेंट आरटीजीएस के जरिए होने लगे हैं, लेकिन रिटेल कारोबार में असर दिख रहा है। यहां पर कैश की किल्लत है। बाजार एरिया के एटीएम में भी कैश खत्म हो रहा है।
शहर में नकदी की कमी के दो बड़े कारण
- एटीएम में दो हजार के नोट भरे जाते हैं तो कैश कैपेसिटी 60 लाख रु. हो जाती है। यह नोट नहीं आने से 500 व 100 के नोट ही भरे जा रहे हैं, जो एटीएम की क्षमता का एक तिहाई ही है।
- उत्तर भारत में मार्च में फसल कटाई होती है। अप्रैल में फसल मंडी में बिकने आती है, तब कारोबारियों को ज्यादा मात्रा में कैश लगता है। इस कारण भी एकदम से कैश की समस्या आई है।
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