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डाउनलोड करेंसवाई माधोपुर. रणथंभौर अभयारण्य के लिए मंगलवार की शाम दुखद रही। शाम सात बजे जब विभाग के अधिकारियों को दो नर बाघों की मृत्यु का समाचार मिला तो सभी सन्न रह गए। दो बाघ वह भी नर की मृत्यु से रणथंभौर को बहुत बड़ी हानि हुई है। सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारी घटना स्थल के लिए रवाना हो गए जो देर रात तक जंगल में ही थे। सात आठ बजे विभाग ने इस बात की पुष्टि की कि उक्त दोनों नर शावक टी-79 के है, जिनकी उम्र लगभग डेढ़ साल है। प्रारंभिक तौर पर दोनों नर शावकों की मृत्यु का कारण किसी तीसरे बड़े नर बाघ द्वारा हमला ही माना जा रहा है। 15 से 20 फीट की दूरी पर मरे हुए पड़े दिखाई दिए...
प्रत्यक्ष दर्शियों ने मौके पर एक तीसरे बाघ की मौजूदगी भी देखी है। जानकारों से मिली जानकारी के अनुसार शाम लगभग सात बजे वन विभाग के अधिकारियों को जंगल में दो बाघों के मृत हालत में पड़े होने की सूचना मिली। यह जानकारी चरवाहों ने विभाग के वॉलेंटियर को दी और वालंटियरों ने इसकी सूचना आगे दी। अधिकारियों को प्रारंभिक तौर पर वालंटियरों से मिली सूचना के अनुसार रणथंभौर के ही भाग सवाई मानसिंह सेंचुरी के आवंड क्षेत्र में खरड़ का नाला है। इसके पास ही खारी दय नाम की एक जगह है। इस स्थान पर दो नर बाघ एक दूसरे से करीब 15 से 20 फीट की दूरी पर मरे हुए पड़े दिखाई दिए। चरवाहों की जानकारी के बाद वॉलेंटियर ने वहां जाकर देखा तो वहां दो नर बाघ मरे पड़े हुए थे। इन में से एक के पुट्ठे फटा हुआ था। दूसरा उससे कुछ दूरी पर था। मौके पर वॉलेंटियर ने किसी तीसरे बाघ को भी देखा था। उक्त बाघ नर था या मादा यह पहचान उक्त लोग नहीं कर पाए।
मौत की 2 थ्योरीज:
किसी अन्य युवा बाघ ने दोनों पर हमला किया, संघर्ष में गई जान
सर्वाधिक आशंका इस बात की है कि वहां मौजूद किसी दूसरे युवा नर बाघ ने अपने इलाके में मौजूद इन नर शावकों को मारा है। इस में भी मारने वाला बाघ टी-77 नहीं मना जा रहा है। क्यो की उक्त नर इन शावकों का पिता था। एक्सपर्ट : टी-60 के जवान हो चुके नर शावकों एवं टी-42 पर अधिक आशंका प्रकट की जा रही है।
दोनों के बीच संघर्ष पर पहले कभी ऐसा नहीं हुआ
दोनों शावकों में भी संघर्ष की आशंका है। लेकिन दोनों शावक लगभग डेढ़ साल के थे जो अभी मां से अलग नहीं हुए थे। इस उम्र में आज तक कभी भी दो नर या मादा शावकों को इस हद तक लड़ते हुए नहीं देखा गया है।
एक्सपर्ट :
इस उम्र के शावक हमेशा अपनी मां के नियंत्रण में रहते है। इलाके या वजूद को लेकर लड़ाई नहीं करते हैं।
मौके पर देखा गया कौन हो सकता है तीसरा बाघ :
मां हो सकती है जो बच्चों को मृत देख विलाप कर रही हो
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीसरा बाघ रोरिंग कर रहा था। ऐसे में इस बात की संभावना है कि दोनों जवान होते शावकों की मृत्यु से आहत मां उनको मरा देख कर विलाप कर रही हो।
हमलावर तीसरा बाघ मारने के बाद दहाड़ मार सकता है
तीसरा बाघ अगर नर हो तो वह दोनों को मारने के बाद अपने गुस्से का इजहार करने के लिए वहां दहाड़ लगा रहा हो। जब तक दोनों शावक काे का पोस्टमार्टम नहीं हो जाता है तब कुछ भी कह पाना संभव नहीं है।
रिकॉल वर्ष 1995 में इसी जगह तीन नर मारे गए थे
इस बारे में सीसीएफ वाई.के. साहू से मिली जानकारी के अनुसार ठीक इसी प्रकार की घटना वर्ष 1995 में हुई थी। इसी स्थान पर तब तीन नर बाघ मरे हुए मिले थे। तीनों बुरी तरह घायल थे। उस समय उनकी मृत्यु को आपसी संघर्ष के कारण होना माना गया था।
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