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दही को जीरे, सौंफ, अजवाइन और सूखे मेवे के साथ अलग-अलग खाने के फायदे

ज्यादातर लोग दही सालभर किसी न किसी रूप में खाते हैं। दही एक प्रो-बायोटिक है जो आंतों को सेहतमंद रखता है।

Dainik Bhaskar

May 25, 2018, 01:08 PM IST
curd benefits with spices and nutrition

यूटिलिटी डेस्क . सर्दियों को छोड़ दें तो ज्यादातर लोग दही सालभर किसी न किसी रूप में खाते हैं। दही एक प्रो-बायोटिक है जो आंतों को सेहतमंद रखता है। दही को अगर अलग-अलग चीजों के साथ खाया जाए तो उसकी खासियत भी अलग हो जाती है। जिस तरह से पंचामृत में दही और शहद का मिश्रण किया जाता है, उसी प्रकार से सूखे मेवे, सौंफ, आजवायन को आदि मिलाकर इसे खाते हैं तो यह एंटीबायोटिक के रूप में काम करेगा और वजन भी कम करेगा। होम्योपैथ व न्यूट्रीशनिस्ट डॉ. श्रीलेखा हाड़ा से जानते हैं ये कैसे फायदा पहुंचाता है-

  • दही में जीरा : वजन और कोलेस्ट्राल घटेगा

अगर वजन कम करना है और मेटाबोलिज्म सुधारना है तो एक कटोरी दही में एक चम्मच जीरा और सेंधा नमक डालकर दिन में दो बार खाएं। इससे वजन कम करने में मदद मिलेगी, खासकर पेट के आसपास की चर्बी घटेगी। इसके अलावा मेटाबोलिज्म बढ़ेगा, बैड कोलेस्ट्रॉल व ट्रायग्लिसराइड्स कम होंगे।

क्योंकि... जीरा आयरन का स्रोत है, जो पाचन में सहायक है। इससे शरीर को ज्यादा एनर्जी मिल सकती है, जिससे शरीर के टिश्यू में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ जाएगी और रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधरेगी। जीरे में उपलब्ध थायमॉल और आवश्यक तेल सलायवरी ग्लैंड्स को सक्रिय करते हैं, जो पाचन सुधारने में काम करने लगती हैं। दही दो तरह से वजन कम करेगा। पहला यह रक्त में कॉर्टिसॉल हॉर्मोन को कम करेगा, जो ऐसा हॉर्मोन है, जो पेट और हृदय के आसपास फैट जमा कर देता है। दूसरा, यह जंक फूड की इच्छा को खत्म कर देता है। इन दोनों ही कारणों से वजन नहीं बढ़ता है।

  • दही में सौंफ डालकर : एसिड रिफलक्स की शिकायत दूर होगी

सौंफ पेट को ठंडा रखती है। इसे दही में मिलाकर खाने से आंतों में गैस नहीं होती है और भारीपन नहीं रहेगा। बच्चों को भी सौंफ का पानी देने से उन्हें पेट दर्द नहीं होता है। जिन लोगों को एसिड रिफलक्स और इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की शिकायत है, उन्हें ये खास फायदा पहुंचाएगा।

क्योंकि... सौंफ में सेलेनियम होता है, जो लिवर एंजाइम्स को सुधारकर शरीर में घातक चीजों को नष्ट करता है। सौंफ में मौजूद मैग्नेशियम दही के साथ मिलकर अच्छी नींद लाती है। इससे अनिद्रा जैसे रोग में भी राहत मिलती है। प्रोबायोटिक के साथ मैच होने के कारण तनाव का स्तर भी कम होता है।

  • दही सूखे मेवे के साथ : दांत और हड्डियां मजबूत

बच्चों में यदि एकाग्रता विकसित करना है तो उन्हें हर दिन खाने में दही के साथ सूखे मेवे का सेवन करने को कहिए। इससे हेल्दी फैट्स, प्रोटीन्स और माइक्रोन्यूट्रीएंट्स भी मिलेंगे, जो याददाश्त तेज करने के साथ और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएंगे। दही में मौजूद कैल्शियम और फॉस्फोरस दांतों और हड्डियों को मजबूत रखेंगे।

क्योंकि... इसमें विटामिन बी12, कैल्शियम, मैग्नेशियम और जिंक का कॉम्बिनेशन है। यदि हर दिन एक कटोरी दही के साथ सूखे मेवे खाएं तो बीमारी नहीं होगी, जो पोषक तत्वों में कमी के कारण हो जाती है। इससे भूख बढ़ेगी। जिन लोगों को अवसाद और कैंसर जैसे रोगों के कारण खाने में रुचि घट गई है, वे इसे हर दिन लें।

  • दही के साथ आजवायन : पाइल्स की शिकायत दूर

जिन्हें पाइल्स की शिकायत है या कब्ज है, उन्हें दही के साथ आजवायन लेना चाहिए। छाछ में भी डाल सकते हैं, छाछ आहार के पहले लें। इससे त्वचा साफ होती है।

क्योंकि... आजवायन में एंटीबैक्टीरिया के गुण होते हैं। इसमें एक एंजाइम ‘थाइम’ रहता है, ये एंजाइम उन बैक्टीरिया को निशाना बनाता है, जो त्वचा को खराब करते हैं।

शहद और दही : मुंह के छाले से राहत
यह मिश्रण एंटीबायोटिक का काम करता है। मुंह के छाले खत्म करता है। दोनों के मिश्रण जो केमिकल बनाता है, वह एंटीबायोटिक के समान है, साथ ही ये प्रोटीन, ग्लूकोज, कार्ब शरीर को एकसाथ देता है। वर्कआउट के बाद इसे खाएंगे तो मसल्स रिकवरी तेजी से होगी।

क्योंकि... दोनों ही प्रोबायोटिक फूड हैं। शहद तो एंटी वायरल, एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल है, जो पाचन बढ़ाने के साथ शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी है। ये जख्म के लिए भी अच्छा है और एलर्जी में भी राहत देता है।


एक्स्ट्रा शॉट
प्रोबायोटिक फूड वे ऐसे फूड होते हैं जिनमें शरीर को फायदा पहुंचाने वाले बैक्टीरिया पाए जाते हैं। ये शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने और खाना पचाने में मदद करते हैं।

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