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कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे कामयाब भारतीय एथलीट रहीं मणिका बत्रा, दो गोल्ड समेत 4 मेडल जीते

मणिका टेबलटेनिस के इतिहास में 4 मेडल जीतने वाली पहली महिला प्लेयर बनीं।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 15, 2018, 12:37 PM IST

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    मणिका पहले मॉडलिंग भी कर चुकी हैं। वे दिल्ली की रहने वाली हैं।

    • मणिका ने टेबल टेनिस के लिए मॉडलिंग का ऑफर ठुकरा दिया था।
    • गोल्ड कोस्ट में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जर्मनी में ट्रेनिंग ली थी।

    स्पोर्ट्स डेस्क. गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स रविवार को खत्म हो गए। इस इवेंट में भारत की ओर से 217 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें दिल्ली की 22 साल की मणिका बत्रा सबसे कामयाब एथलीट रहीं। उन्होंने टेबल टेनिस इवेंट में चार मेडल अपने नाम किए। इसके साथ वे टेबल टेनिस के इतिहास में 4 मेडल जीतने वाली पहली महिला प्लेयर भी बन गईं। उन्होंने ये मेडल सिंगल्स, वुमेन्स टीम, वुमेन्स डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में जीते। बता दें कि इस बार भारत ने 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज समेत 66 पदक अपने नाम किए।

    कॉमनवेल्थ गेम्स में मणिका का प्रदर्शन
    - मणिका ने सिंगापुर की वर्ल्ड नंबर-4 फेंग तेनवे (वुमेन्स टीम) और पूर्व वर्ल्ड नंबर-9 मेंगयू यू (सिंगल्स) को हराकर गोल्ड जीतने में सफल रहीं। इन दोनों की जोड़ी से ही डबल्स के फाइनल में उनको हार का सामना करना पड़ा।

    इवेंटमेडल
    वुमेन्स टीमगोल्ड
    वुमेन्स डबल्ससिल्वर
    वुमेन्स सिंगल्सगोल्ड
    मिक्स्ड डबल्स

    ब्रॉन्ज

    मॉडलिंग को छोड़ टेबल टेनिस को चुना
    - दिल्ली के नारायणा विहार की रहने वाली मणिका को जीएस एंड मैरी कॉलेज में पढ़ते वक्त मॉडलिंग का ऑफर मिला था। वह इस ओर भी अपना कॅरियर बना सकती थीं, लेकिन उन्होंने टेबल टेनिस में ही अपनी मेहनत जारी रखी। मणिका ने बताया कि वह चार साल की उम्र से टेबल टेनिस खेल रही हैं।

    - उन्होंने कहा, "खुदकिस्मत हूं कि मेरे खेल की वजह से ही मुझे कॉमनवेल्थ गेम्स में लीड करने का मौका मिला और लीडर होने का रोल मैं अच्छे से निभा सकी। सिंगापुर की दोनो टॉप रैंक की प्लेयर को हराना सुखद अनुभव रहा। लेकिन, डबल्स में उनसे ही मिली हार से जरूर थोड़ी निराशा हुई।" उनकी मां सुषमा बत्रा ने कहा कि मुझे खुशी है कि उसने देश का नाम ऊंचा करने के लिए सही रास्ता चुना।

    गोल्ड कोस्ट जाने से पहले जर्मनी में ली थी ट्रेनिंग
    - मणिका ने बताया कि गोल्ड कोस्ट में मेडल जीतने के लिए जर्मनी में एक महीना स्पेशल ट्रेनिंग हासिल की। वहां पर गेम में तेज सर्विस, स्मैश और गेंद कंट्रोल को बेहतर करने का अभ्यास किया। इस ट्रेनिंग का फायदा ही उन्हें इस कॉमनवेल्थ गेम्स में मिला है।

    मणिका के एचीवमेंट
    - मणिका ने 2011 में चिली ओपन में अंडर-21 आयु वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स क्वार्टरफाइनल तक पहुंची। कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में 3 मेडल जीते। 2016 साउथ एशियन गेम्स में 3 गोल्ड देश को दिलाए। वुमेन्स डबल्स, मिक्स्ड डबल्स और टीम में ये गोल्ड हासिल किए।

    - वे रियो ओलिंपिक में पहले ही राउंड में हार गईं थीं।

    - मणिका वर्ल्ड टेबल टेनिस चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली भारत की पहली महिला प्लेयर बनीं। वे इस समय भारत की नंबर वन टेबल टेनिस प्लेयर हैं।

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    मणिका ने ब्रांज मेडल मैच में साथियान गणशेखरण के साथ मिलकर भारत के ही शरत अंचत कमल और मौमा दास को हराया।
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